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आगरा में जाम ने जमाये अपने कदम

राजा की मंडी स्थित छोटा चौराहे की ओर जाने वाली सड़क पर कार जाने की जगह ही नहीं है। फिर भी कार वहां पहुंच गई, जिसके कारण जाम लग गया।
गुरुवार सुबह दस बजे किनारी बाजार की हालत कुछ ऐसी दिखी। जाम ऐसी थी कि लोगों को पैदल निकलना भी मुश्किल लग रहा था।

आगरा। आखिर ऐसे में आगरा को स्मार्ट सिटी कैसे बनाया जा सकता है। रोज के जाम ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा है। यहां ट्रैफिक आज आम समस्या बनती जा रही है। ताजनगरी वासी हर रोज इस समस्या से जूझने को मजबूर हैं पर इसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। एक ओर जहां आगरा को स्मार्ट सिटी की दौड़ में शामिल करते हुये नंबर वन की रैंक पर लाने का प्रयास किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर जनता हर रोज घर से बाहर निकलते ही परेशानियों से जूझने को मजबूर है। अगर हम बात करें आगरा के बिजी मार्केट राजामण्डी, किनारी बाजार या लोहामण्डी की तो यहां हर समय ट्रैफिक के चलते आम जन को आवाजाही में भी परेशानी होती है। यहां की जनता का कहना है कि हर रोज यहां इसी तरह की समस्या बनी रहती है, जिसके चलते कई बार दुर्घटना हो जाती है या लोग चोटिल भी हो जाते हैं। छोटी- छोटी गलियों में भी जाम लगना अब आम समस्या बनता देखा जा रहा है। इन गलियों में पैदल निकलने वाले भी घण्टों में रास्ता पार कर पाते हैं। लोगों के मन में यही सवाल उठते दिखाई देते हैं कि क्या उन्हें कभी जाम मुक्त आगरा देखने को मिलेगा।
आगरा की हर गली रोज सुबह से रात तक जाम से जूझती दिखाई देती है। लोग रोजमर्रा का जीवन भी कठिनाइयों के साथ जीने को मजबूर हैं। आज की बिजी लाइफ स्टाइल में जाम लगना लोगों का दिमागी सन्तुलन बिगाड़ रहा है। कुछ ही समय में होने वाला कार्य जाम के कारण घण्टों का समय लेता है। आने वाले दिनों में गर्मी के चलते यह समस्या लोगों के लिये दिक्कत बन सकती है। लोगोें का कहना है कि सरकार को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है पर इस ओर ध्यान देने की आवश्यकता शायद ही किसी को दिख रही हो। अब देखना होगा आगरा को कब तक जाम मुक्त आगरा बनाने का कार्य पूर्ण होगा। अगर हम बात करें स्मार्ट सिटी की तो स्मार्ट सिटी बनाने में जाम मुक्त आगरा होना महत्वपूर्ण कदम हो सकता है क्योंकि स्मार्ट सिटी वही है, जहां जनता को ऐसी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़े। अब प्रशासन को इस ओर ध्यान देने की आवश्यकता है पर लगता है आज भी प्रशासन चैन की नींद सोये बैठा है। इस ओर ध्यान देने के लिये या तो किसी को समय नही है या जरूरत महसूस नहीं होती है।

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