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निर्भया की मां बोलीं- दोषियों को फांसी जरूर होगी

नई दिल्ली। निर्भया के दोषियों विनय शर्मा और मुकेश सिंह की क्यूरेटिव पिटिशन को आज सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया। पटियाला हाउस कोर्ट द्वारा डेथ वॉरंट जारी होने के बाद दोनों दोषियों ने शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया था। इस बीच निर्भया की मां ने कहा है कि उन्हें न्याय व्यवस्था पर आस्था है और उन्हें पूरी उम्मीद है कि दोषियों को फांसी जरूर होगी। उन्होंने कहा कि मेरी सरकार, सिस्टम से यही अपील है कि 7 साल हो गए एक बच्ची के साथ बर्बरता हुए, राष्ट्रपति से अपील है कि मुजरिमों की फांसी नहीं टलनी चाहिए।
जब निर्भया की मां से दोषियों की संभावित दया याचिका सवाल पूछा गया तो वह बोलीं कि देखिए एक सिस्टम है और उन्हें पहले भी यह मौका मिल चुका है। दो ने तो क्यूरेटिव पिटिशन भी सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की और यह खारिज हो गई। दो दोषी ने तो क्यूरेटिव पिटिशन डाली ही नहीं, वे चाहते थे कि किसी तरह फांसी टल जाए। हमें उम्मीद है कि अब इन दोषियों को जरूर फांसी मिलेगी।
निर्भया की मां ने कहा कि यह मेरे लिए बड़ा दिन है। मैं इस दिन के लिए पिछले सात साल से संघर्ष कर रही थी, लेकिन सबसे बड़ा दिन 22 जनवरी होगा, जब वे (चारों दोषी) फांसी पर लटकाए जाएंगे। इससे पहले 5 जजों की पीठ ने खारिज की याचिका जस्टिस एनवी रमन्ना, जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस आरएफ नरीमन, जस्टिस आर भानुमती और जस्टिस अशोक भूषण की बेंच दोनों दोषियों की क्यूरेटिव पिटिशन खारिज कर दिया। निर्भया के गुनहगार विनय ने अपनी क्यूरेटिव पिटिशन में अपनी युवावस्था का हवाला देते हुए कहा था कि कोर्ट ने इस पहलू को त्रुटिवश अस्वीकार कर दिया है। याचिका में कहा गया था कि याचिकाकर्ता की सामाजिक-आर्थिक परिस्थितयों, उसके बीमार माता-पिता सहित परिवार के आश्रितों और जेल में उसके अच्छे आचरण और उसमें सुधार की गुंजाइश के बिंदुओं पर पर्याप्त विचार नहीं किया गया है और जिसकी वजह से उसके साथ न्याय नहीं हुआ। क्यूरेटिव पिटिशन खारिज होने के बाद राष्ट्रपति के सामने दया याचिका दायर किए जाने का प्रावधान है। राष्ट्रपति संविधान के अनुच्छेद-72 एवं राज्यपाल अनुच्छेद-161 के तहत दया याचिका पर सुनवाई करते हैं। इस दौरान राष्ट्रपति गृह मंत्रालय से रिपोर्ट मांगते हैं। मंत्रालय अपनी सिफारिश राष्ट्रपति को भेजता है और फिर राष्ट्रपति दया याचिका का निपटारा करते हैं। अगर राष्ट्रपति दया याचिका खारिज कर दें उसके बाद मुजरिम को फांसी पर लटकाने का रास्ता साफ होता है।

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  1. ปั้มไลค์

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