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एपिकॉन का समापन आज ही

आगरा। एपिकॉन में तीसरे दिन मधुमेह, हृदय रोग, गुर्दा रोग, गठिया के मरीजों में गर्भधारण से लेकर वायरस के संक्रमण पर विस्तार से चर्चा की गई। एपिकॉन का आयोजन यहां फतेहाबाद रोड स्थित एक होटल में किया गया है। इसमें पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के फिजिशियन रहे तमिलनाडु के डॉ. के जोसेफ राजन ने कहा कि ने मधुमेह रोगियों में ब्लड ग्लूकोज का स्तर नियंत्रित रखने के तरीके बताए। चार दिवसीय एपिकॉन का आज समापन है। पोस्टर व रिसर्च पेपर के विजेता प्रतिभागियों को सम्मनित किया जाना है। कांफ्रेंस में आयोजन समिति के सचिव डॉ. पीके माहेश्वरी, डॉ. मृदुल चतुवेर्दी, अध्यक्ष डॉ. टीपी सिंह, संयुक्त सचिव डॉ. मनीष बंसल, डॉ. प्रभात अग्रवाल, डॉ. आशीष गौतम, डॉ. निखिल पुरसनानी, डॉ. अंजना पांडे, डॉ. बीके अग्रवाल, डॉ. जितेन्द्र दौनेरिया आदि मौजूद हैं।
डॉ. राजन ने कहा कि पांच दिन 25 से 30 मिनट निकालें। इसे पांच दिनों में बांटकर दौड़ें, तेज चाल या पैदल चलकर देखें। फायदा होने पर समय और बढ़ा दें। कसरत करने का समय है तो एरोबिक्स, स्ट्रेचिंग (खिंचाव) और जिम जा सकते हैं। इससे ब्लड ग्लूकोज का स्तर 160 से कम होकर 130 तक पहुंच सकता है। वहीं, तीन महीने का औसत ब्लड ग्लूकोज का स्तर (एचबीएवन सी) 7.8 से 6.8 पहुंच सकता है।
उन्होंने बताया कि मधुमेह का एक बड़ा कारण फास्ट फूड का सेवन है, दक्षिण भारत में फास्ट फूड का सेवन अधिक हो रहा है। इससे मधुमेह रोगियों की संख्या बढ़ रही है। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति का उदाहरण देते हुए बताया कि वे शुद्ध शाकाहारी थे, उन्हें परंपरागत दक्षिण भारतीय खाना पसंद था। वे स्वस्थ्य रहने के लिए योग और ध्यान करते थे, उन्हें संगीत पसंद था। वे सुबह चार बजे उठ जाते थे। राष्ट्रपति बनने के बाद भी दिनचर्या में कोई बदलाव नहीं आया। वैसे कहते थे कि उनके परिवार में 100 साल तक जिंदा रहने के जीन हैं, उनके भाई 103 साल के हैं।

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  1. ปั้มไลค์

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