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आईआईटी गुवाहाटी परिसर के मंदिर का मामला अदालत में पहुंचा

नई दिल्ली। आईआईटी गुवाहाटी कैंपस में एक मंदिर को लेकर इंस्टिट्यूट के प्रशासन और वहां के एक शिक्षक में टकराव की स्थिति बन गई है। असिस्टेंट प्रोफेसर बृजेश राय ने आरोप लगाया है कि मंदिर का ढांचा चार साल पहले इंस्टिट्यूट की इजाजत के बिना बना दिया गया था। वहीं आईआईटी गुवाहाटी प्रशासन का दावा है कि वहां मंदिर अनंत काल से है। राय ने इस मामले में गुवाहाटी हाई कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की है।
राय ने दावा किया है कि 2015 तक वह मंदिर पीपल के एक पेड़ के पास चबूतरे की तरह था और कैंपस में काम करने वाले मजदूरों ने वहां कुछ देवी-देवताओं की तस्वीरें रखी थीं। राय का कहना है कि 2015 के बाद इसे परमानेंट स्ट्रक्चर का रूप दिया जाने लगा। राइट टु इन्फॉर्मेशन ऐक्ट के तहत दाखिल एक आवेदन के जवाब में इंस्टिट्यूट ने राय को बताया कि प्रशासन ने कैंपस में शिव मंदिर निर्माण में कोई मदद नहीं की थी। एक सवाल पर इंस्टिट्यूट ने बताया था कि वहां मंदिर आईआईटी गुवाहाटी बनने के पहले से था। वहीं एक अन्य जवाब में उनसे कहा कि यह तो अनंत काल से वहीं है।

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  1. ปั้มไลค์

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