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भारत को मिला राफेल

फ्रांस में पहला विमान अधिकारिक तौर पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह को सौंपा गया

सभी 36 राफेल जेट विमान सितंबर, 2022 तक भारत पहुंचने की उम्मीद

पेरिस। विजयदशमी के पावन दिन आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की फ्रांस में मौजूदगी के दौरान भारत को आरबी 001 पहला राफेल विमान अधिकारिक तौर पर भारत को सौंप दिया गया है। इससे पहले रक्षा मंत्री ने फ्रांस के राष्ट्रपति एमेनुल मैकरॉनं से मुलाकात की तथा दोनों देशों के रक्षा एवं रणनीतिक संबंधों को और मजबूत बनाने के बारे में चर्चा की।
भारतीय वायुसेना ने फ्रांस से राफेल लड़ाकू जेट की खरीद की है। फ्रांस द्वारा पहले राफेल को आधिकारिक रूप से सौंपे जाने के कार्यक्रम के तहत सिंह सोमवार को फ्रांस पहुंचे थे। फ्रांस के राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एलिसी पैलेस में उनसे मुलाकात के दौरान सिंह ने फ्रांस को भारत का महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार बताया।
राफेल के हैंडओवर समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक दिन है। यह भारत और फ्रांस के बीच गहरा संबंध दिखाता है। उन्होंने कहा कि राफेल विमान के शामिल होने से एयरफोर्स की क्षमता में इजाफा होगा। बता दें कि 36 राफेल जेट विमानों में पहला विमान भारत को आज मिल गया लेकिन लेकिन चार विमानों की इस पहली खेप को भारत पहुंचने में अगले साल मई तक इंतजार करना पड़ेगा। सभी 36 राफेल जेट विमान सितंबर, 2022 तक भारत पहुंचने की उम्मीद है। उसके लिए भारतीय वायुसेना जरूरी बुनियादी ढांचा तैयारी करने और पायलटों को प्रशिक्षण देने समेत जरूरी तैयारियां कथित रूप से कर रही है। राफेल के भारतीय वायुसेना में शामिल होने के बाद ही इसकी ताकत बढ़ जाएगी। ये दुश्मनों के छक्के छुड़ाने के लिए काफी है। दुश्मन के सीमा में घुसकर राफेल विमान वार कर सकता है। राफेल की गिनती दुनिया के सबसे ताकतवर हथियारों में की जाती है। ये हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल माइका से भी लैस है। इसके साथ ही इसमें क्रूज मिसाइल भी लगे हुए हैं।
इसके अलावा राफेल में 1.3 एमएम की गन लगी है, जो एक मिनट में 125 राउंड गोलियां फायर कर सकती हैं। राफेल विमान ऊंचे इलाकों में लड़ने में माहिर है. इसके पास एक मिनट में 60 हजार फुट की ऊंचाई तक जाने की क्षमता है। राफेल डील में वायुसेना अध्यक्ष राकेश भदौरिया ने अहम भूमिका निभाई थी. जब भारत और फ्रांस के बीच करार हुआ था, उस समय जो कॉस्ट नेगोशिएशन कमेटी बनी थी उसके चेयरमैन राकेश भदौरिया थे।

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