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महापौर का भी आदेश नहीं मान रहे भ्रष्टाचारी

  • पार्क में बिना सबमर्सिबल पंप लगाये हो गया भुगतान
  • मेयर ने बनाई जांच कमेटी, बिना टेंडर नहीं होंगे कार्य

भले ही मेयर नवीन जैन नगर निगम में भ्रष्टाचार पर रोक के कितने भी दावे करें, लेकिन नगर निगम और जल संस्थान में उनके हुक्म को भ्रष्टाचारी नहीं मानते हैं। तभी तो मौके पर बिना कार्य करवाए ही दनादन भुगतान हो रहे हैं। अबकी बार पार्क में सबमर्सिबल पंप के मामले का खुलासा हुआ है। हालांकि मेयर ने नाराजगी दिखाते हुए जांच कमेटी बना दी है। बता दें कि हर बार भ्रष्टाचार का खुलासा होने पर जांच कमेटी बनती है, लेकिन भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई नहीं होती है, जिससे भ्रष्टाचारियों के हौसले बुलंद हैं।
बता दें कि शुक्रवार को मेयर नवीन जैन ने कार्यकारिणी की नौवीं बैठक आहूत की थी, जिसमें सबसे पहले आठवीं बैठक के कार्यवृत्त की पुष्टि की गई। इसके बाद भाजपा पार्षद राजेश प्रजापति ने नगर निगम की टेंडर व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए प्रस्ताव रखा। उनका कहना था कि छोटे हों या बड़े सभी कार्य ई-टेंडरिंग से कराये जाएं। चर्चा करके सभी ने प्रस्ताव को पारित कर दिया। पार्षद अमित दिवाकर ने प्रस्ताव रखते हुए फाइलों में कार्य दिखाकर भुगतान करने के खेल की शिकायत की। कहा कि उनके वार्ड 26 में कन्हैया नगर कॉलोनी स्थित पार्क के सौंदर्यीकरण और सबमर्सिबल पंप लगाने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन नगर निगम के संबंधित अधिकारियों ने इन कार्यों को कागजों पर पूरा कर दिया। जबकि मौके पर ना तो सबमर्सिबल पंप लगी है और न कोई अन्य कार्य हुआ है। बिना मौके पर कार्य करवाये भुगतान हो गया है। मेयर ने शिकायत को गंभीरता से लिया। निर्माण समिति के अध्यक्ष पार्षद हेमेंद्र पाल सिंह की अध्यक्षता में जांच समिति गठित कर दी। अधिशासी अभियंता आरके सिंह को निर्देश दिये कि शिकायत की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। शिकायत सही पाई जाती है तो संबंधित ठेकेदार और जेई के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जांच समिति में पार्षद विवेक तोमर, अमित दिवाकर और अधिशासी अभियंता आरके सिंह हैं।
मेयर ने कहा कि अब नगर निगम में सभी तरह के निर्माण और विकास कार्य ई-टेंडरिंग से होंगे। बॉक्स टेंडरिंग की प्रक्रिया प्रतिबंधित रहेगी। एक लाख रुपये से कम के टेंडर (कुटेशन) का खेल चलता था।
पार्षद जितेंद्र सिंह ने रामबाग स्थित यमुना किनारे सीताराम घाट के सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव रखा। प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित किया गया। पार्षद बृजमोहन ने वार्ड 16 काजीपाड़ा में टीला नंदराम नेहरू इंटर कॉलेज के पास मंटोला नाले की बाउंड्रीवाल बनाने का प्रस्ताव रखा। जनहित को ध्यान में रखते हुए प्रस्ताव को स्वीकार किया गया। उपसभापति शरद चौहान ने अपना पूरक प्रस्ताव सामने रखते हुए बताया कि आठ अक्टूबर को लोहामंडी की प्राचीन दशहरा शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा के मार्ग पर कई जगह से सड़क क्षतिग्रस्त है, सीवर लाइन के मेनहोल की समस्या है। धार्मिक आयोजन को ध्यान में रखते हुए कार्यकारिणी समिति ने इस प्रस्ताव को स्वीकार किया।
बैठक में नगरायुक्त अरुण प्रकाश, अपर नगरायुक्त केबी सिंह, सहायक नगरायुक्त अनुपम शुक्ला, उप सभापति शरद चौहान, पार्षद राजेश प्रजापति, राधिका जैन, हेमेंद्र पाल, बृजमोहन, जितेंद्र सिंह, अमित दिवाकर, पंकज माहौर, विवेक तोमर, आशीष पाराशर, मुख्य अभियंता एके सिंह, जल संस्थान के जीएम आरएस यादव, मुख्य अभियंता(वि/यां) संजय कटियार, सीएफओ पवन कुमार, पर्यावरण अभियंता राजीव कुमार राठी, अधिशासी अभियंता आरके सिंह, अजीत सिंह, राजेंद्र कुमार आर्या, हरि गोविंद, सहायक अभियंता विनोद कुमार शुक्ला, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. वीके सिंघल, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अनिरुद्ध कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।

मोटर के फर्जी बिल की जांच लटकी
आगरा। नगर निगम ही नहीं जल संस्थान में भी भ्रष्टाचार चरम पर है। ज्ञातव्य है कि पिछली बार सदन के अधिवेशन में भाजपा पार्षद रवि माथुर ने बिना कार्य कराये मोटर के फर्जी बिल की शिकायत का प्रस्ताव सबूतों के साथ रखा था। भ्रष्टाचार की शिकायत का समर्थन सभी पार्षदों ने किया था। मामले को मेयर ने गंभीरता से लिया था। उन्होंने जल संस्थान के जीएम आरएस यादव को एक सप्ताह में जांच करके रिपोर्ट देने के लिए कहा था। जीएम की तरफ से अधिशासी अभियंता राजेंद्र कुमार आर्या ने जांच शुरू की। बता दें कि दो बार आरोपितों को नोटिस देकर जवाब देने के लिए कहा गया, लेकिन उनके द्वारा जवाब नहीं दिया गया। जिस जेई के क्षेत्र का मामला था उसने लिखित जवाब देकर स्पष्ट कर दिया कि मौके पर कोई कार्य नहीं हुआ। इसके बाद भी जांच ठंडे बस्ते में चली गई। जिसे न मेयर ने याद किया न नगरायुक्त ने।

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