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पंघल स्वर्णिम पायदान से एक कदम दूर

विश्व मुक्केबाजी फाइनल में आज पंघल का मुकाबला ओलिंपिक स्वर्ण पदक विजेता से

मनीष को कांसा, आठ साल सबसे बड़ी उम्मीद बनकर लौटे सुशील कुमार रहे खाली हाथ

विश्व चैम्पियनशिप के सेमीफाइनल में कजाकिस्तान के साकेन बिबिसोनोव को हराने के बाद जोशीले अंदाज में अमित पंघल।

ऐकातेरिनबर्ग (रूस)। एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले भारत के पुरुष मुक्केबाज अमित पंघल यहां जारी विश्व चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने से एक कदम दूर हैं। अमित ने सेमीफाइनल मुकाबला जीत फाइनल में प्रवेश कर लिया। मनीष कौशिक को हालांकि सेमीफाइनल में हार कर कांस्य पदक से ही संतोष करना पड़ा है।
अमित ने शुक्रवार को 52 किलोग्राम भारवर्ग के सेमीफाइनल में कजाकिस्तान के साकेन बिबिसोनोव को 3-2 से हरा फाइनल में प्रवेश किया। वह विश्व चैम्पियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाले भारत के पहले पुरुष मुक्केबाज बने हैं। आज फाइनल में अमित का सामना रियो ओलम्पिक-2016 में स्वर्ण जीतने वाले शाखोबिदीन जोइरोव से होगा।
अब तक पांच भारतीय पुरुष मुक्केबाजों ने विश्व चैम्पियनशिप में कांस्य जीता है। विजेंद्र सिंह ने 2009 में यह उपलब्धि हासिल की थी जबकि विकास कृष्णन ने 2011 और शिवा थापा ने 2015 में सेमीफाइनल तक का सफर तय किया था। इसके अलावा गौरव बिधूड़ी ने 2017 में सेमीफाइनल में पहुंचकर कांस्य जीता था लेकिन वह भारतीयों के पदक का रंग नहीं बदल सके थे।
मैच के बाद अमित ने कहा, जितना सोचकर आया था, उससे कहीं अधिक जोर लगाना पड़ा। मेरे साथियों ने मेरा काफी समर्थन किया है और इसके लिए मैं सबका धन्यवाद करना चाहूंगा। हमारी मुक्केबाजी के लिए यह बहुत बड़ी उपलब्धि है। मैं पूरी कोशिश करूंगा कि अपने देश के लिए स्वर्ण पदक जीत सकूं।
अमित ने जो सफलता हासिल की उसकी उम्मीद मनीष से भी थी लेकिन मनीष को 63 किलोग्राम भारवर्ग में विश्व चैम्पियन क्यूबा के एंडी क्रूज गोमेज ने 5-0 से मात दी।
मनीष ने हालांकि अच्छी प्रतिस्पर्धा दिखाई। मनीष ने पहले राउंड से ही अपने विपक्षी की गलती का इंतजार किया और काउंट अटैक के जरिए अंक बटोरने की कोशिश की लेकिन क्रूज का डिफेंस उनसे आगे रहा।
मैच के बाद मनीष ने कहा, मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ खेला लेकिन कुछ कमियां रह गईं जिसके कारण मुझे हार मिली। मैं इन कमियों पर काम करूंगा और कोशिश करूंगा कि एशिया ओसनिया क्वालीफायर्स में अपने देश के लिए ओलम्पिक कोटा हासिल करूं।
वहीं आठ साल बाद विश्व चैम्पियनशिप में उतर रहे सुशील से भी पदक की उम्मीदें थीं लेकिन इस दिग्गज पहलवान ने निराश किया। भारतीय खिलाड़ी को 74 किलोग्राम भारवर्ग के पहले दौर में अजरबैजान के खादजिमुराद गधजियेव के खिलाफ 9-11 से हार झेलनी पड़ी।

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