आज की खबर आज
Agra

सलुआ और सत्यवीर पुलिस को पहले गुनाहगार क्यों नहीं लगे?

-बबलू के परिजन बोले- खुलासे पर शक नहीं, लेकिन पुलिस ने पहले ही गड़बड़ियां कीं
-एक कोतवाल पर तो परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप, क्या कोर्ट से सजा दिला पाएगी पुलिस
-इस हत्याकांड को खोलने के लिए पुलिस पर था जबर्दस्त प्रेशर, सलुआ अभी है फरार

आगरा। सिकंदरा के चर्चित बबलू यादव हत्याकांड का सिकंदरा पुलिस ने खुलासा तो कर दिया, लेकिन साथ में कई सवाल भी खडेÞ कर दिए हैं। परिजन खुलासे से तो संतुष्ट नजर आ रहे हैं, लेकिन पुलिस की अब तक कार्रवाई को लेकर काफी सवालिया निशान भी लगा रहे हैं।
पुलिस ने खुलासा किया है कि बबलू की हत्या सलुआ ने भाडेÞ के हत्यारों से कराई थी। सलुआ और बबलू के बीच पुरानी रंजिश चली आ रही है। बबलू के परिजनों ने पूर्व में ही सलुआ पर शक जताया था, लेकिन पुलिस को पहले गुनहगार नहीं लगा। वहीं जो शूटर्स पकड़े गए हैं, उसमें से एक पूर्व में भी पकड़ा जा चुका है, लेकिन पुलिस तब उससे खुलासा नहीं कर पाई। इसलिए सवाल यह उठ रहा है कि पुलिस ने अब हत्याकांड में ऐसे क्या साक्ष्य पाए, जिनसे खुलासा हो गया। क्या पुलिस के पास पुख्ता साक्ष्य हैं, जिससे वह आरोपी को कोर्ट में सजा दिला पाएगी। कानून के जानकार तो यही बताते हैं कि पुलिस से या तो पहले चूक हुई है या फिर पुलिस ने इस बार गलत खुलासा किया है।
दरअसल, बबलू यादव हत्याकांड को लेकर पुलिस पर काफी प्रेशर था। उसके परिजनों ने एसएसपी आॅफिस के बाहर आत्मदाह तक का प्रयास किया था। हालांकि पुलिसकर्मियों ने उन्हें बचा लिया था। एसएसपी बबलू कुमार ने सिकंदरा पुलिस हत्याकांड के जल्द खुलासे के निर्देश देते हुए इंसपेक्टर प्रमोद कुमार पंवार को हटाकर इंसपेक्टर अरविंद कुमार को थाने का प्रभार दिया था। कोतवाल ने आते ही बबलू हत्याकांड पर काम करना शुरू कर दिया और कल खुलासा कर दिया। पुलिस ने बताया कि केके नगर के रहने सलुआ से बबलू की पुरानी रंजिश चली आ रही है। बबलू और सलुआ के बीच विवाद हो गया था, जिसमें बबलू ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया था। सलुआ जेल चला गया था। जेल से बाहर आने के बाद दोनों के बीच ठन गई थी। छह माह पूर्व सलुआ ने बबलू को धमकी दी थी तो बबलू ने उसे पीट दिया था। इस बात से वह दुश्मनी मान बैठा था। उसने फिरोजाबाद के शूटरों को पांच लाख रुपये की सुपारी दे दी थी। दो शूटर्स को गिरफ्तार किए गए हैं। एक सत्यवीर और दूसरा दीपा। दोनोें फिरोजाबाद के पचोखरा के रहने वाले हैं।
याद रहे सत्यवीर को तत्कालीन इंसपेक्टर अनुज कुमार ने भी पकड़ा था। उससे पूछताछ भी की थी। अनुज कुमार को इस पर शक था, लेकिन उस समय शातिर शूटर्स से दूसरी घटना का खुलासा हो गया। उसने डॉ. अनुभव चंद्रा से जिम ट्रेनर को मारने की सुपारी ली थी। इस मामले में डॉक्टर को पुलिस ने जेल भेज दिया था। सत्यवीर जमानत पर रिहा होकर आया था। सिकंदरा पुलिस ने फिर से उसे और दीपा को पकड़ लिया। इस बार उसने बबलू हत्याकांड को कबूल लिया। वहीं, घटना के बाद बबलू के परिजनों ने सलुआ पर शक जताया था। सिकंदरा पुलिस ने उसे भी पकड़ा था, लेकिन पुलिस को वह बेगुनाह लगा।
सूत्रों के अनुसार पुलिस ने आरोपी से न तो सीसीटीवी कैमरे में कैद साक्ष्य बतौर मोटरसाइकिल, हेलमेट, आला कत्ल और कपड़े आदि कुछ भी बरामद नहीं किया है। बबलू के भाई विनीत यादव का कहना है कि उनके भाई का मर्डर पुलिस ने खोल दिया है, इस बात के लिए वह पुलिस का सम्मान करेंगे। लेकिन यह दर्द रहेगा कि वह इन आरोपियों के बारे में पुलिस को शुरुआत से बता रहे थे, लेकिन पुलिस को वह पहले दोषी नहीं लगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *