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क्राइम ब्रांच की तर्ज पर काम कर रही एसटीएफ

  • एसएसपी बोले- अब वह खुद करेंगे उनके कामों की मॉनीटरिंग
  • बडेÞ अपराधियों के बजाय छुटभैयों पर रहती एसटीएफ की नजर
  • रकाबगंज क्षेत्र से कारोबारी के बेटे को नहीं तलाश पाई पूरी टीम

आगरा। स्पेशल टास्क फोर्स यानि एसटीएफ की जिले की टीम क्राइम ब्रांच की तर्ज पर काम करने लगी है। अभी हाल के गुडवर्काें पर गौर किया जाए तो कुछेक को छोड़कर ज्यादातर ऐसे गुडवर्क हैं, जिन्हें थाना पुलिस भी आसानी से कर सकती थी। एसटीएफ का कार्य तो बड़े अपराधियों को पकड़ना और इनामी अपराधियों को तलाशने के साथ-साथ शासन में बैठे वरिष्ठ अधिकारियों से मिलने वाले टास्क पर काम करने का होता है, लेकिन यहां की टीम तो अपने उद्देश्य से ही भटक गई है। वह उन अपराधियों पर काम कर रही है, जिन्हें जिले की क्राइम ब्रांच की टीम पकड़ती है।
एसटीएफ ने अभी हाल में सदर पुलिस की सहायता से नकली नोटों के गैंग के पांच लोगों को पकड़ा था। पांचों आरोपियों को जेल भी भेज दिया था। जेल गए पांच आरोपियों में से एक ओमकार झा ने जिला जेल में गमछे से फांसी लगाकर अपनी जान दे दी थी। उसकी मौत ने जहां जेल प्रशासन पर कई सवाल खडेÞ किए, वहीं परिजनों ने एसटीएफ की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं। हालांकि एसटीएफ के अधिकारी दावा कर रहे हैं कि उनकी कार्रवाई बिल्कुल सही है।
एसटीएफ की गतिविधियों पर गौर किया जाए तो स्थिति यह सामने आ रही है कि पूरी टीम अपने स्तर के गुड वर्क नहीं कर रही है। वह जिले की क्राइम ब्रांच की टीम की तरह ही काम कर रही है। एसटीएफ को रकाबगंज क्षेत्र से एक कारोबारी का अपहरण होने के बाद उसकी बरामदगी और अपहरणकर्ताओं को पकड़ने का टास्क दिया गया था, लेकिन एक वर्ष बीतने के बाद भी एसटीएफ खाली हाथ है। न जाने कितने इमानी अपराधी फरार चल रहे हैं। पचास हजार रुपये से ऊपर के इनामी भी फरार हैं, लेकिन उनका आज तक टीम कोई सुराग नहीं लगा पाई है। एसटीएफ ऐसे बड़े अपराधियों की तलाश न करके छोटे-मोटे अपराधियों पर काम कर रही है। हाल के गुडवर्क इस ओर इशारा भी कर रहे है।
सूत्रों की मानें तो टीम के कुछ सदस्यों ने जुआरियों और सटोरियों को डराना शुरू कर दिया है। व्अपना संदेश किसी के माध्यम से पहुंचा रहे हैं, जिससे कि उनकी महीनेदारी बंध सके। अभी हाल में एसटीएफ के सिपाही ने यह बात फैला दी कि अब शासन ने सटोरियों पर कार्रवाई करने का टास्क दिया है। शहर के छोटे-बडेÞ बुकियों की सूची तैयार हो गई है। इस बात पर कुछ बुकी एसटीएफ के सामने सरेंडर हो गए। सिपाही ने उनसे डील भी कर ली। आज सुबह इस मामले में इंसपेक्टर हर्षवर्द्धन से बात की गी तो उन्होंने बताया कि सटोरियों को पकड़ने के लिए शासन से कोई भी आदेश हमारे पास नहीं आया है। अगर कोई सिपाही ऐसी बातें बाहर फैला रहा है तो उसके खिलाफ गोपनीय जांच करायी जाएगी। हालांकि टीम ने कई बडेÞ गुडवर्क भी किए हैं। एसएसपी बबलू कुमार ने कहा है कि अब वह खुद ही गुडवर्क की मानीटरिंग करेंगे। एसटीएफ पर कोई भी आरोप लगता है तो उसकी जांच करायी जाएगी।

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