आज की खबर आज
Agra

रामलीला का शुभारम्भ आज से

आज सायं गणेश और मुकुट पूजन, स्वरूपों का वरण भी होगा

आगरा। नगर का प्रमुख रामलीला महोत्सव आज से शुरू हो रहा है। सायंकाल रावतपाड़ा में श्रीमन:कामेश्वर महादेव मंदिर के निकट स्थित लाला चन्नोमल की बारहद्वारी में गणेश पूजन व मुकुट पूजन के साथ इसकी शुरुआत हो जाएगी।
महीने भर चलने वाले इस महोत्सव का शुभारम्भ हर साल श्राद्धपक्ष से एक दिन पहले अनन्त चतुर्दशी पर्व पर किया जाता है। सायं सात बजे से पंडित वेदप्रकाश प्रचेता व पं. शैलेंद्र शर्मा आदि द्वारा गणेश व मुकुट पूजन किया जाएगा। इस दौरान रामलीला में प्रमुख पात्रों को निभाने वाले स्वरूपों का भी कमेटी द्वारा वरण किया जाएगा। लीला का मंचन वृंदावन की नीरज चतुर्वेदी की मंडली द्वारा किया जाना है। आज के पूजन में राम, सीता, भरत, लक्ष्मण, शत्रुघ्न व हनुमान के स्वरूप और कथा व्यास शामिल होंगे।
आज पूजन के बाद एक दिन विश्राम रहेगा और 14 सितम्बर से दैनिक लीलाओं की शुरुआत हो जाएगी। सबसे पहले कालीबाड़ी से श्रीमन:कामेश्वर महादेव के मुकुट की सवारी निकाली जाएगी। कोली समाज द्वारा निकाली जानी वाली यह सवारी कई झांकियों, अखाड़ों व बैंडबाजों के साथ धूमधाम से निकाली जाती है। समाज के लोग मंदिर पर पहुंचकर विधि-विधान से शिवलिंग को मुकुट धारण कराते हैं। इसके एक दिन के अंतराल के बाद 16 सितम्बर को प्रथम पूजनीय गणेश जी की सवारी परम्परागत मार्ग पर नगर परिभ्रमण के लिये निकलेगी।
रामलीला के अंतर्गत रामलीला मैदान में मंचीय लीला का शुभारम्भ 18 सितम्बर से हो जाएगा। 25 सितम्बर तो उत्तर भारत की सर्वाधिक प्रसिद्ध राम बरात नगर परिभ्रमण करेगी। 24 से 27 सितम्बर तक जनकपुरी महोत्सव का आयोजन निर्भयनगर में होगा। रामलीला मैदान में विभिन्न लीलाओं के साथ आठ अक्टूबर को दशहरे पर रावण वध का मंचन होगा और आतिशबाजी मुकाबला होगा। ग्यारह सितम्बर को श्रीराम के राज्याभिषेक की लीला होगी और 12 अक्टूबर को स्वरूपों की विदाई के साथ लीला का समापन हो जाएगा।

अनंत चतुर्दशी पर आज भगवान
विष्णु के अनंत रूप की पूजा
आज अनंत चतुर्दशी के दिन भगवान विष्णु के अनंत रूप में पूजा की जाती है। व्रत रख कर अनंत सूत्र बांधा जाता है। महिलायें दायें और पुरुष बायें हाथ में अनंत सूत्र धारण करते हैं। माना जाता है कि अनंत सूत्र पहनने से सभी दु:ख और परेशानियां दूर हो जाती हैं। यह रेशम या सूत का होता है। इस सूत्र में 14 गांठें लगाई जाती हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान ने 14 लोक बनाये जिनमें सत्य, तप, जन, मह, स्वर्ग, भुवरू, भू, अतल, वितल, सुतल, तलातल, महातल, रसातल और पाताल शामिल हैं। अपने बनाये इन लोकों की रक्षा करने के लिये श्री हरि विष्णु ने अलग-अलग 14 अवतार लिये।
अनंत चतुर्दशी पूजा का मुहूर्त आज सुबह छह बजकर 13 मिनट से शुरू हो चुका है और यह 13 सितंबर की सुबह सात बजकर 17 मिनट तक रहेगा। मान्यता है कि आज के दिन विष्णु के अनंत रूप की पूजा करने से भक्तों की मनोकामनायें पूर्ण होती हैं। आज ही गणेश विसर्जन के साथ गणेशोत्सव का समापन होता है। जैन धर्म में इस दिन को पर्यूषण पर्व का अंतिम दिवस कहा जाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *