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आत्म कल्याण के लिए त्याग आवश्यक

पर्यूषण पर्व के आठवें दिन हुई उत्तम त्याग धर्म की पूजा


आगरा। पर्यूषण पर्व के आठवें दिन दिगम्बर जैन मंदिरों में उत्तम त्याग धर्म की पूजा अर्चना के साथ ही जैन धर्मावलंबियों ने दैनिक उपयोग की वस्तुओं का त्याग कर धर्म के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। आज सुबह से भी शहर के जिनालयों में धार्मिक कार्यक्रम चल रहे हैं। सुबह एमडी जैन इंटर कॉलेज परिसर स्थित शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में श्रद्धालुओं ने पर्यूषण पर्व के अंतर्गत पूजा-अर्चना की। मंदिर में प्रात: 6:00 बजे से शांतिनाथ भगवान का अभिषेक और संगीतमय सामूहिक पूजन आचार्य मेरुभूषण महाराज के सानिध्य में किया गया। मथुरा से आए हुए पंडित जिनेंद्र शास्त्री ने तत्वार्थ सूत्र का वाचन किया। आचार्यश्री ने प्रवचन दिए।
मंगलवार को आगरा दिगम्बर जैन परिषद के तत्वावधान में धूलियागंज स्थित पल्लीवाल दिगम्बर जैन मंदिर में भगवान महावीर का अभिषेक, शांतिधारा, संगीतमयी सामूहिक पूजन किया गया। महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने प्रभु के समक्ष श्रीफल अर्पित किए। पंडित पलाश जैन शास्त्री ने तत्वार्थ सूत्र का वाचन व पूजन किया। त्याग धर्म की महिमा बताते हुए कहा कि उपकार की भावना से अपनी वस्तु का त्याग करना दान है। सायंकाल आरती, शास्त्र प्रवचन, सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों में पवन जैन, मनीष जैन, दीपक जैन, राहुल जैन एडवोकेट, देवेंद्र जैन, राजीव जैन, पंकज जैन, गिरीश चंद जैन, कपूरी देवी जैन व अन्य श्रद्धालु मौजूद रहे।
श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर कमला नगर आगरा में मुनि विहर्ष सागर महाराज एवं मुनि विजेयश सागर महाराज के सानिध्य में उत्तम त्याग धर्म मनाया गया। मुनिश्री विहर्ष सागर महाराज ने कहा कि आत्म कल्याण के लिए त्याग आवश्यक है। सबसे मुख्य त्याग तो राग द्वेष का करना चाहिए। इस दौरान शिखर चंद जैन सिंघई, चक्रेश जैन, पवन जैन, प्रदीप जैन(पीएनसी), दिलीप जैन, अशोक जैन पूर्व डिप्टी मेयर, जगदीश प्रसाद जैन, राजीव जैन, प्रमेंद्र जैन, बंटी जैन मौजूद रहे। शाम 7:00 बजे महाआरती और प्रियाकारिणी महिला मंडल द्वारा धार्मिक नित्य संध्या प्रस्तुत की गई।
कचौड़ा बाजार के दिगंबर जैन मंदिर उत्तम त्याग धर्म दिवस का महत्व बताते हुए आचार्य चैत्य सागर महाराज ने इस बात पर पीड़ा जताई कि हमने त्याग को दान को भुला दिया है। भारत जो कभी अतिथि सत्कार के लिए प्रसिद्ध था, आज इस देश के रहने वाले इन बातों को भूल गए हैं। राजेंद्र कुमार जैन, कमल जैन, अमित जैन, अरविंद जैन, अक्षय जैन, विजय जैन, नरेश जैन, उषा जैन, अमिता जैन, बबली जैन इस मौके पर मौजूद थे।

आत्मशुद्धि के लिए विकार भाव छोड़ना भी त्याग
छीपीटोला के श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में उत्तम त्याग धर्म के मौके पर विविध कार्यक्रम हुए। ब्रह्मचारी अरुण भैया ने कहा कि आत्म शुद्धि के उद्देश्य से विकार भाव छोड़ना तथा उपकार की दृष्टि से धन आदि का दान करना त्याग धर्म है। भोग में लाई गई वस्तु को छोड़ देना भी त्याग धर्म है। सायंकाल भक्तामर म्यूजिकल ग्रुप द्वारा भव्य आरती की गई। रात्रि में एक शाम पारस के नाम भजन संध्या में जैन समाज के गायकों ने भजन प्रस्तुत किए। बच्चों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी भी आकर्षित करती रही। दिलीप जैन, मुरारीलाल जैन, मनोज पिंटू, सत्येंद्र जैन, अनिल जैन, संजीव जैन, रजनीकांत जैन, मनिंद्र जैन आदि मौजूद रहे।

दान और त्याग श्रेष्ठ
श्री 1008 चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर कटरा इतवारी खां, नाई की मंडी में दसलक्षण महापर्व के आठवें दिन उत्तम त्याग धर्म का महत्व बताते हुए पंडित विकास भैया ने कहा भारतीय संस्कृति में दांन और त्याग को श्रेष्ठ कहा गया है। इस मौके पर श्रीजी का अभिषेक एवं शांतिधारा भी हुई। श्रद्धालुओं द्वारा पूजन किया गया। शाम को श्री जी की मंगल आरती के बाद धार्मिक अंताक्षरी आयोजित की गई। सुरेंद्र जैन अशुंल जैन, निखिल जैन, ध्रुव जैन. प्रिंस जैन, हिमांशु जैन, अनिल जैन, कुशाग्र जैन, संतोष जैन, दीपांशु जैन, शुभम जैन की मौजूदगी खास रही।

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