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व्यापारी मांग रहे विकल्प, अधिकारी दे रहे सुझाव

और कड़े होंगे सिंगल यूज पॉलीथिन एवं प्लास्टिक इस्तेमाल के नियम

  • व्यापारी और नगर निगम अफसरों ने किया मंथन
  • ईपीआर में छोटे व्यापारी कैसे कराएंगे रजिस्ट्रेशन

डीएलए न्यूज
आगरा। भले ही देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्टÑपिता महात्मा गांधी की जयंती पर सिंगल यूज प्लास्टिक एवं पॉलीथिन को बाय-बाय करेंगे, लेकिन यूपी में पहले ही इस पर पूर्ण प्रतिबंध लगा हुआ है। इतना समय होने के बाद भी इस्तेमाल में खास कमी नहीं आयी है। गुजरात से आगरा में प्रतिबंधित पॉलीथिन की खेप आ रही हैं। नगर निगम की कार्रवाई से व्यापारी खुद का उत्पीड़न बता रहे हैं। पर्यावरण के लिए जहर का काम करने वाली सिंगल यूज प्लास्टिक एवं पॉलीथिन को लेकर सोमवार को व्यापारियों ने नगर निगम के अधिकारियों के साथ बैठक करके मंथन किया। व्यापारियों ने साथ देने का वादा किया, लेकिन व्यापार के लिए इसका विकल्प मांगा। अधिकारी विकल्प तो नहीं दे सके, लेकिन सुझाव जरूर दिये।
नगर निगम के सदन कक्ष में व्यापारी अपना दर्द लेकर पहुंचे। अधिकारियों के साथ बैठक की। व्यापारियों ने कहा कि नगर निगम की कार्रवाई का विरोध नहीं करेंगे। साथ देंगे, लेकिन व्यापार को बनाये रखने के लिए विकल्प दें। व्यापारियों ने तमाम पैकेजिंग आइटम दिखाए। इनमें कई नामचीन कंपनियों के आइटम प्लास्टिक में पैक थे। पर्यावरण अभियंता राजीव कुमार राठी ने बताया कि ब्रांडेड कंपनियां प्लास्टिक को स्वयं ही रीसाइकिल करा रही हैं। ईपीआर (एक्सटेंडेड प्रोड्यूसर रिस्पांसिबिलिटी) के तहत उनके ब्रांड पंजीकृत हैं। शहर के व्यापारी जो प्लास्टिक में सामान पैक करते हैं उन्हें अपने ब्रांड को ईपीआर में पंजीकृत कराएं। जिस सामान को पैक कर रहे हैं उस पर अपने ब्रांड का नाम और बार कोड जरूर अंकित करें। व्यापारियों ने कहा कि बड़े व्यापारी तो ईपीआर के तहत निस्तारण करा लेंगे, लेकिन छोटे व्यापारी क्या करेंगे। अधिकारियों ने कहा कि जिले के प्लास्टिक डीलर जो पैकेजिंग सामग्री बेचते हैं वह इसके निस्तारण का प्रबंध करेंगे।
सहायक नगरायुक्त अनुपम शुक्ला ने कहा कि व्यापारी (दुकानदार) पैकेजिंग आइटम पर बाय बैक की स्कीम दे सकते हैं। लोग उनकी दुकान से खरीदे गये किसी सामान के पैकेजिंग मैटेरियल को उन्हें वापस कर दें तो ग्राहक को उसके एवज में पैसा या कुछ आयटम रिटर्न मिल जाएगा। इससे लोगों में जागरूकता आएगी। दुकानदार को यह सुविधा होगी कि जो पैकेजिंग मैटेरियल फेंका जाता है वह दुकान पर वापस आ जाएगा। उसे निस्तारण के लिए भेजा जा सकता है।
अधिकारियों ने आगामी दो अक्टूबर से और भी कड़े नियम आने का संकेत दिया और व्यापारियों को बताया कि प्रतिबंधित चीजों का इस्तेमाल न करने के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त करें जिससे निकट भविष्य में दंडात्मक कार्रवाई से बच सकें। उन्होंने कहाकि अगले हफ्ते से जुर्माना भरने के लिए एनफोर्समेंट टीम को हैंड मशीन दी जाएगी जिससे तुरंत व्यापारी जुर्माने का पैसा ट्रांसफर कर सकता है।

नियम दिखाए तो अधिकारी
बोले, ये आगरा में लागू नहीं
बैठक में व्यापारियों ने भी अपना दर्द बयां करते हुए कहाकि सबसे ज्यादा परेशानी पॉलिथीन और मिष्ठान्न भंडार में होने वाले प्लास्टिक पैकिंग ट्रे एवं टंबलर बॉक्स पर हो रही है। मिष्ठान्न कारोबारी राजकुमार भगत ने कहा कि नियम अब लागू हो रहा है, लेकिन कारोबारियों ने त्योहार के मद्देनजर पहले ही स्टॉक कर लिया है। अब उसे कहां ले जाएंगे।
आगरा व्यापार मंडल के महामंत्री गागन दास रामानी ने सरकारी आदेश पर चर्चा की। युवा जिलाध्यक्ष विनय कामरा ने सेंट्रल कंट्रोल बोर्ड आॅफ पॉल्यूशन द्वारा पांच सितंबर को जारी रिपोर्ट को दिखाया, जिसमें साफ लिखा गया है कि 50 माइक्रोन से नीचे की पॉलिथीन पर ही रोक लगाई गई है और इसके ऊपर की पॉलिथीन पर रोक नहीं है लेकिन उस पर विक्रेता का नाम, माइक्रोन एवं रजिस्ट्रेशन नंबर होना अनिवार्य होना चाहिए। इस पर अधिकारियों ने कह दिया कि यह आदेश यूपी में नहीं माना जाएगा क्योंकि यूपी का अलग नियम लागू हुआ है जो 15 जुलाई 2018 के आदेश के तहत आता है।
व्यापारियों द्वारा अधिकारियों को ज्ञापन भी दिया गया। ज्ञापन देने वालों में आगरा व्यापार मंडल के महामंत्री गागनदास रामानी, कन्हैयालाल राठौड़, जयप्रकाश अग्रवाल, विनय कामरा, कमल मंगवानी, साहूकार सिंह चाहर, हर्ष गुप्ता, रणवीर सिंह राठौड़, जय अग्रवाल, अंकित, ललित अमित गोयल के साथ ही मिष्ठान्न विक्रेता एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकुमार भगत व सभी सदस्य, प्लास्टिक एसोसियेशन एवं अन्य संस्थाओं के सदस्य शामिल थे।

ये हैं प्रमुख मांगें
व्यापारियों द्वारा रखी गईं पांच प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं।

  1. आदेश में उल्लेखित प्रतिबंधित वस्तु पर ही कार्रवाई की जाए, इसके अलावा अन्य वस्तुओं पर कार्रवाई न की जाए।
  2. बाजारों में कार्रवाई के लिए भेजी गई टीम को नियमों की पूरी जानकारी होनी चाहिए। प्रतिबंधित वस्तु मिलने पर दंडात्मक कार्रवाई सौहार्द्र पूर्वक की जाए। व्यापारी को अनावश्यक डराया, धमकाया न जाए।
  3. एनफोर्समेंट टीम में आवश्यकता से अधिक सदस्य न भेजे जाएं, जिससे बाजार में दहशत का वातावरण बनने से रोका जाए।
  4. नगर निगम की टीम द्वारा छापेमारी के दौरान वीडियो रिकॉर्डिंग जरूर की जाए।
  5. कार्रवाई के उपरांत जो भी अर्थ दंड लगाया जाए उस पर आयकर नियम पालन किया जाए।

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