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सामान्य हो रहे हैं घाटी के हालात

जिन जगहों पर दी गई ढिलाई, वहां पर भी शांति- डीआईजी विरडी
तेजी से सामान्य हो रहा है जम्मू-कश्मीर में जनजीवन-सईद सेहरिश

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले आर्टिकल 370 के कई प्रावधानों को हटाया गया, जिससे पहले सेना ने किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए चप्पे-चप्पे पर मोर्चा संभाल लिया। दिन बीतने के साथ ही जम्मू-कश्मीर में हालात सामान्य होने लगे हैं। जेएनयू छात्रा और पूर्व छात्र संघ लीडर शहला राशिद की ओर से दावा किया गया था कि कश्मीर के हालात बहुत चिंताजनक हैं। इस पर सेना के बाद अब जम्मू-कश्मीर की इन्फॉर्मेशन ऐंड पब्लिक रिलेशंस की डायरेक्टर सईद सेहरिश असगर का भी बयान आ गया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि घाटी में कानून-व्यवस्था से संबंधित कोई बड़ी घटना नहीं हुई है।
सेंट्रल कश्मीर के डीआईजी वीके बिरडी ने कहा कि कुछ हिस्सों में पत्थरबाजी की छिटपुट घटनाएं हुईं लेकिन कानून के मुताबिक उन पर कार्रवाई की गई और उपद्रवियों को मौके से खदेड़ दिया गया। जम्मू-कश्मीर में इन्फर्मेशन ऐंड पब्लिक रिलेशंस की डायरेक्टर सईद सेहरिश असगर ने बताया कि घाटी में कानून-व्यवस्था को लेकर कोई बड़ी घटना नहीं हुई है। जीवन सामान्य हो रहा है। जनता काफी सहयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि कुछ तत्वों की ओर से रविवार को अफवाह फैलाई गई, जिसके बाद सरकार ने लोगों से अनुरोध किया कि वे इस तरह की किसी भी तरह की अफवाह पर यकीन न करें। सईद सेहरिश असगर ने कहा कि जम्मू में भी कानून- व्यवस्था से जुड़ी किसी तरह की घटना नहीं हुई।
मध्य कश्मीर के डीआईजी वीके बिरडी ने कहा कि उन सभी क्षेत्रों में जहां पर ढिलाई की अवधि बढ़ाई गई थी, वहां पर भी शांतिपूर्ण माहौल है। कुछ हिस्सों में पत्थरबाजी की छिटपुट घटनाएं हुईं लेकिन कानून के मुताबिक उन पर कार्रवाई की गई और उपद्रवियों को मौके से खदेड़ दिया गया। शहला राशिद खुद भी कश्मीरी हैं और मूल रूप से श्रीनगर की रहने वाली हैं। आर्टिकल 370 हटने के बाद से ही वह ट्विटर पर सरकार के खिलाफ लगातार सक्रिय हैं। रविवार को शहला ने एक के बाद एक कई ट्वीट कर फर्जी दावा किया कि कश्मीर में हालात चिंताजनक है। सेना और पुलिस के लोग आम नागरिकों के घर घुस रहे हैं और उन्हें सताया जा रहा है। उन्होंने शोपियां में सुरक्षाबलों द्वारा कुछ लोगों को जबरन हिरासत में लेने और उन्हें प्रताड़ित करने का आरोप लगाया।
उधर, शहला राशिद के ट्वीट्स को सेना ने भी निराधार बताया है। यही नहीं, शहला के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में आपराधिक शिकायत दर्ज करवाई गई है। वकील अलख आलोक श्रीवास्तव ने सुप्रीम कोर्ट को दी गई गई अपनी शिकायत में झूठ फैलाने और गुमराह करने का आरोप लगाते हुए शहला की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। शहला ने कश्मीर में हालात बेहद खराब होने का दावा करते हुए रविवार को कई ट्वीट किए थे।
जम्मू-कश्मीर में धारा 370 पर मोदी सरकार ने बड़ा कदम उठाया, जिसके बाद सुरक्षा के मद्देनजर यहां जवानों की तैनाती कर दी गई। गलियां खामोश हो गईं, बाजारों की रौनक गुम हो गई, हर तरफ हथियारों से लैस जवान और दूर-दूर तक पसरे हुए सन्नाटे के इतर कुछ भी नहीं। अब यह सन्नाटा टूटने लगा है, लोग फिर से अपने काम पर लौटने लगे हैं। बच्चे स्कूल जाने लगे हैं। तस्वीर का यह अंधेरा खत्म होने लगा है। जम्मू-कश्मीर फिर से खुशी की ओर लौट चला है। गली-मोहल्लों में पसरे सन्नाटे के बाद बच्चे स्कूल पहुंचे और वहां आयोजित प्रार्थना में हिस्सा लिया। ऐसी ही एक खास तस्वीर, जिसमें यह बेहतर भविष्य के निर्माण का संकल्प लेते हुए नजर आ रहे हैं।

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