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पीएम ने स्वतंत्रता दिवस पर दिया विकास का मंत्र

तीनों सेनाओं में समन्वय के लिए सृजित होगा सीडीएस का पद
दो अक्टूबर से प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं करने का संकल्प लें
पेयजल की उपलब्धता के लिए साढ़े तीन लाख करोड़ खर्च होंगे
जनसंख्या नियंत्रण पर बल, वन नेशन, वन इलेक्शन की चर्चा की
तीन तलाक पर कानून बना कर मुस्लिम बहनों को दी भय से मुक्ति
आतंकवाद पर करारा प्रहार, आतंकी घटनाएं मानवता के खिलाफ
जम्मू-कश्मीर के लोगों के सपनों को पंख मिले, यह हमारा दायित्व

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज लाल किले की प्राचीर से लगातार छठी बार राष्टÑ को संबोधित किया। इस मौके पर उन्होंने देश के विकास का मंत्र दिया। उन्होंने कई घोषणाएं भी कीं। पीएम ने कहा कि तीनों सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय के लिए चीफ आॅफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) का नया पद सृजित किया जाएगा। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे दो अक्टूबर से प्लास्टिक का इस्तेमाल करना छोड़ दें। इसके साथ ही पेयजल की उपलब्धता के लिए साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे ताकि देश के हर व्यक्ति को शुद्ध पीने का पानी मिल सके। उन्होंने जनसंख्या नियंत्रण पर भी बल दिया। पीएम ने कहा कि हमारे देश के हौसले की उड़ान के सामने आकाश की सीमाएं भी कम हैं। उन्होंने कहा कि महासागर की गहराइयां भी हमारे हौसले की थाह नहीं ले सकती हैं। मोदी ने कहा कि वन नेशन, वन इलेक्शन पर चर्चा होनी चाहिए, पूरे देश में एकसाथ चुनाव की बात होनी चाहिए। अनुच्छेद 370, 35ए पर पीएम ने कहा कि हम समस्याओं को टालते नहीं हैं और न ही समस्याओं को पालते हैं।
प्रधानमंत्री ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश के गरीबों को भी बेहतर स्वास्थ्य की सुविधाएं मिलें, इसके लिए वेलनेस सेंटर बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुस्लिम माताओं-बहनों को भी भय से मुक्ति दिलाई और तीन तलाक अब अतीत की बातें हो गई हैं। उन्होंने कहा कि हमने अपनी सरकार के 70 दिनों के अंदर ही जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35ए को समाप्त कर दिया। उन्होंने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल के सपने को साकार किया। उन्होंने अर्थव्यवस्था की भी चर्चा की। उनका जोर पांच वर्ष में देश की अर्थव्यवस्था को पांच ट्रिलियन बनाने पर भी रहा। उन्होंने कहा कि हमारी नीयत गंगा की तरह पवित्र है। उनकी सरकार का पांच वर्ष लोगों की आशाओं और आकांक्षाओं को पूरा करने का है।
पीएम ने कहा कि आजादी के लिए जिन्होंने जवानी दी, जेल में जिंदगी काटी, पूज्य बापू के नेतृत्व में देश ने आजादी पाई। बलिदान देने वाले सभी को आदरपूर्वक नमन।
पीएम ने कहा कि हमें डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देना होगा। फिलहाल दुकानों पर आज नकद कल उधार बोर्ड लगा रहता है, अब डिजिटल पेमेंट को हां, नकद पेमेंट को ना का बोर्ड लगाने का वक्त है।
मैं सभी दुकानदारों से आग्रह करूंगा कि दुकान पर एक बोर्ड यह भी लगाएं कि कृपया हमसे प्लास्टिक की थैली की अपेक्षा न करें। इस बार लोग दीवाली पर भी एक दूसरे को कपड़े का थैला उधार दे सकते हैं। दुकानदार दुकान के बाहर लिख दें कि हमसे प्लास्टिक की थैली की मांग न करें, कपड़े का थैला लेकर आएं। वर्ना वे खुद ही कपड़े का थैला बेचना शुरू कर दें। उन्होंने कहा कि साल 2014 में मैंने लाल किले से स्वच्छता पर जोर की बात कही। अब देश खुले में शौच से मुक्त हो रहा है। सभी ने इसके लिए जन आंदोलन किया।
उन्होंने आतंकवाद पर भी करारा प्रहार किया। पीएम ने कहा कि कुछ लोगों ने सिर्फ भारत को ही नहीं, पड़ोस के देशों को आतंकवाद से तबाह करके रखा है। बांग्लादेश, अफगानिस्तान आतंकवाद से जूझ रहा है। श्रीलंका में भी चर्च में निर्दोषों को मार दिया गया। चार दिन बाद अफगानिस्तान आजादी का जश्न मनाएगा। यह उसकी आजादी का 100वां साल है। मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं। भारत आतंक फैलाने वालों के खिलाफ मजबूती के साथ खड़ा है। मानवतावादी शक्तियां इसके खिलाफ एक हों। इसमें भारत अपनी भूमिक अदा करेगा। आतंक को पोषित करनेवालों को बेनकाब करना होगा। आतंकवाद का वातारण पैदा करने वालों को खत्म करना है।
हम सिर्फ बाजार न बनें, बल्कि दुनिया के बाजार में पहुंचें भी। देश के उत्पाद को दुनिया के बाजार तक पहुंचाना है। हमारी विविधता से दुनिया को परिचित कराना होगा। उन्होंने पर्यटन की जरूरत पर भी बल दिया। पीएम ने कहा कि भारत दुनियाभर के लिए अजूबा हो सकता है। आज दुनिया हमारे साथ व्यापार करने का इच्छा रखता है। हमें इस अवसर को जाने नहीं देना चाहिए। हमारे यहां हर जिले की अलग खासियत है। हर जगह की अलग-अलग चीजें मशहूर हैं। हमारी विविधता से दुनिया को परिचित कराना होगा।
पीएम ने कहा कि पांच ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था कई लोगों को मुश्किल लग सकती है, मानता हूं चुनौती बड़ी है लेकिन सोचेंगे नहीं तो देश कैसे चलेगा, हम आगे कैसे बढ़ेंगे। हमारा सपना बड़ा होना चाहिए। देश के बदलते हुए मिजाज को समझना होगा। अब लोग सिर्फ स्टेशन बनने से संतुष्ट नहीं, पूछते हैं हमारे यहां वंदे भारत कब आएगी। रेल के आने से संतुष्ट नहीं, पूछते हैं एयरपोर्ट कब बनेगा। पहले लोग पूछते थे कि पक्की सड़क कब आएगी, आज कोई मिलता है तो कहता है, फोर लेन रोड बनेगा या फिर सिक्स लेन वाला। सिर्फ पक्की सड़क तक वह सीमित नहीं है।
हमें लंबी छलांग लगानी होगी, भारत को ग्लोबल स्तर पर मिलाने के लिए काम करना होगा। आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर देना होगा। इसकी तरफ हमारा ध्यान है। 100 लाख करोड़ रुपया आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर में लगाएं जाएंगे। इसमें सागरमाला, भारतमाला, रेलवे स्टेशन का आधुनिकिकरण शामिल है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने 1450 कानून खत्म किए। हर कारोबार को आसान बनाने की कोशिश की गई। ईमानदारी, पारदर्शिता पर बल दिया गया। पीएम ने कहा कि लोग अपने सपनों को लेकर आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि मैं अपने अफसरों से बार-बार कहता हूं कि आजादी के इतने सालों बाद रोजमर्रा के जीवन में सरकार की दखल को क्या कम नहीं कर सकते, खत्म नहीं कर सकते। आजादी से मेरा मतलब है कि धीरे-धीरे सरकार लोगों की जिंदगी से बाहर आए, उनके लिए सारे रास्ते खुले होने चाहिए।
भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद देश के लिए खतरा, यह दीमक की तरह देश में घुस गया है। इसे निकालने का प्रयास किया जा रहा। लेकिन यह बीमारी अंदर तक है। गहरी है। अनेक प्रयास करते रहने होंगे। यह एकबार से खत्म होने वाली चीज नहीं। हमारे यहां बेतहाशा जो जनसंख्या विस्फोट हो रहा है, यह जनसंख्या विस्फोट हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए अनेक संकट पैदा करता है। यह बात माननी होगी कि देश में एक जागरूक वर्ग है, जो इस बात को भली भांति समझता है। वह अपने घर में शिशु को जन्म देने से पहले भली भांति सोचता है कि मैं उसके साथ न्याय कर पाऊंगा। स्वयंप्रेरणा से एक छोटा वर्ग परिवार को सीमित करता है अपने परिवार को भी भला करता है, और देश का भी भला करता है। छोटा परिवार को रखकर वह देशभक्ति को अभिव्यक्त करते हैं। ऐसे लोग सम्मान के अधिकारी हैं। पांच वर्ष में गरीबों की संख्या कम करने के लिए काफी प्रयास हुए। पहले की तुलना तेज गति, व्यापकता से सफलता मिली। गरीब को सम्मान मिल जाता है तो वह गरीबी से लड़ने के लिए सरकार का इंतजार नहीं करेगा करता।
अनुच्छेद 370 को हटाने के लिए कोई प्रखर तो कोई मूक रूप से समर्थन देता रहा है। राजनीतिक के गलियारों में, चुनाव के तराजू से तौलने वाले कुछ लोग, 370 के पक्ष में कुछ न कुछ बोलते रहते हैं। 370 की वकालत करने वालों से देश पूछ रहा है कि अगर यह आर्टिकल इतना अहम था, तो फिर 70 साल तक इतना भारी बहुमत होने के बाद भी आपने उसे स्थायी क्यों नहीं किया, अस्थायी क्यों बनाए रखा। आगे आते स्थायी कर देते। आप भी जानते थे, यह जो हुआ है, सही नहीं हुआ है। लेकिन सुधार करने की आपमें हिम्मत नहीं थी। मेरे लिए देश का भविष्य सबकुछ है।

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