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ग्राम पंचायतों में शौचालय लेने वालों का पड़ा टोटा!

  • लक्ष्य के सापेक्ष आधे ही मिल सके हैं पात्र लाभार्थी
  • आवेदनों में अपात्रों की संख्या रहती अच्छी खासी

भले ही दस्तावेजों में जनपद ओडीएफ घोषित हो चुका है, लेकिन वास्तविकता में नहीं। ऐसी कोई ग्राम पंचायत नहीं जहां लोगों ने खुले में जाना बंद किया हो। गांव-गांव शौचालय की मांग है। लोगों को चक्कर लगवाये जा रहे हैं। शिकायतें मिलीं तो सीडीओ ने एलओबी का ‘आॅपरेशन’ कर डाला, जिसमें निकला कि शौचालयों के लिए पात्र व्यक्तियों का टोटा है। हजारों की संख्या में पात्र व्यक्ति चाहिए, जिनके घर शौचालय बनवाने हैं। सीडीओ की सख्ती से संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत गांवों को खुले में शौच करने से मुक्त करना है, जिसके लिए सरकार ने खजाना खोल दिया है। गांव-गांव पात्र व्यक्तियों को शौचालय के लिए 12 हजार रुपये आर्थिक मदद के रूप में दे रही है। ये मदद दो किश्त में मिलती है। अफसरों की आंकड़ेबाजी के कारण जनपद ओडीएफ तो घोषित हो गया, लेकिन गांव खुले में शौच से मुक्त नहीं हो पाये। यदि अफसरों से पूछेंगे तो हर गांव खुले में शौच से मुक्त है। जबकि हकीकत प्रधान से लेकर विधायक और सांसद तक सभी जानते हैं। शिकायतें और शौचालय की मांग भी उनके पास तक पहुंचती हैं।
ज्ञातव्य है कि एक सप्ताह पहले सीडीओ जे.रीभा ने एलओबी (लेफ्ट आॅफ बेनफिशीएरी) की समीक्षा की थी, जिसमें विकास खंड स्तर से लापरवाही का खुलासा हुआ था। एलओबी की फीडिंग करने में हद दर्जे की लापरवाही मिली थी। दो ग्राम पंचायत अधिकारियों को सस्पेंड करने और कइयों को नोटिस देने की कार्रवाई की थी। सीडीओ जब गहराई में गर्इं तो हकीकत को देख दंग रह गर्इं। एलओबी-2 के लिए 15980 शौचालय का लक्ष्य मिला था, जिसकी फीडिंग 15 अगस्त तक करनी थी। इससे समय से लाभार्थियों के घर शौचालय का निर्माण हो सके, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। अभी तक 15980 के सापेक्ष 7780 की फीडिंग हो सकी है। अभी 8200 पात्र व्यक्तियों की आवश्यकता है। इसके बाद ही फीडिंग का लक्ष्य पूरा हो सकेगा।
बता दें कि सीडीओ जे.रीभा ने मंगलवार को भी जिला पंचायतीराज के अफसरों के पेंच कसे। उन्होंने हिदायत दी है कि जल्द से जल्द पात्र व्यक्तियों का चयन करके उनकी फीडिंग कराएं। गांवों में कोई भी पात्र व्यक्ति शौचालय की योजना से वंचित न रह पाये। शिकायत मिली तो कार्रवाई होगी। जब सरकार-शासन पैसा दे रहे हैं तो लोगों को लाभ देने में क्यों लापरवाही बरती जा रही है। सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। यदि कोई समस्या है तो बताएं, जिससे उसका समाधान हो सके। ग्राम पंचायत अधिकारी और ग्राम विकास अधिकारी डोर-टू-डोर जाकर पात्र लोगों को चिह्नित करें। सीडीओ ने ग्रामीणों से अपील भी की है कि आप पात्र हैं तो शौचालय के लिए आवेदन करें।

फोटो… मनोज फोल्डर में जे रीभा नाम से।

‘शौचालयों के लिए पात्र व्यक्ति नहीं मिल रहे हैं, एलओबी-2 का जो लक्ष्य था उसके सापेक्ष आधे पात्र व्यक्ति मिल पाये हैं। ग्रामीण अंचलों में यदि व्यक्ति पात्र हैं तो अपने विकास खंड में आवेदन कर सकते हैं। यदि कोई अनदेखी करे तो विकास भवन आयें, जिससे आपको शौचालय देने और अनदेखी करने वाले को दंड देने की कार्रवाई हो सके।’

  • जे. रीभा, सीडीओ

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