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प्रकृति से प्रेम हमारे संस्कार में है-मोदी

यदि हम प्रकृति से संतुलन बना लेते हैं तो वह हमारी मदद करती

नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी ने मशहूर वाइल्ड लाइफ प्रोग्राम शो मैन वर्सेज वाइल्ड में शिरकत की। इस दौरान पीएम मोदी ने अपनी जिंदगी से जुड़े कई अहम किस्सों के बारे में बताया। पीएम मोदी ने प्रकृति और हिमालय से अपने लगाव के बारे में भी बताया। उत्तराखंड के जिम कॉर्बेट में शूट किए गए इस कार्यक्रम में पीएम मोदी और होस्ट बेयर ग्रिल्स ने वाइल्ड लाइफ और प्रकृति को संरक्षित करने पर भी काफी चर्चा की।
पीएम मोदी के पास तक बेयर ग्रिल्स एक हेलीकॉप्टर से पहुंचे। जिस जगह उनकी मुलाकात पीएम से होने वाली थी, वहां तक पहुंचने के लिए ग्रिल्स को करीब चार किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ा। वहीं, उस जगह पहुंचने से पहले पीएम कहते हैं कि ग्रिल्स के साथ इस कार्यक्रम में होना एक अलग अनुभव होगा। पीएम ने कहा कि उनके साथ यह दुनिया के लिए भी अलग तरह का अनुभव होगा। पीएम ने अपनी कार से उतरते ही ग्रिल्स का भारत में स्वागत किया। पीएम ने आगे ग्रिल्स को जिम कॉर्बेट के बारे में विस्तार से जानकारी दी। पीएम और ग्रिल्स के बीच प्रकृति, जंगल, हिमालय को लेकर काफी बातचीत हुई। पीएम ने कहा कि यदि हम प्रकृति से संघर्ष करते हैं तो यह प्रकृति के साथ सबके लिए खतरनाक होता है, लेकिन हम प्रकृति से संतुलन बना लेते हैं तो वह भी हमारी मदद करती है। पीएम मोदी और ग्रिल्स की चर्चा के दौरान वहां से एक हाथी गुजरता है तो मोदी ग्रिल्स का ध्यान उस तरफ आकर्षित करते हैं।
जंगल में चलते हुए ग्रिल्स ने चिंता जताई कि यहां आसपास टाइगर हो सकते हैं। ग्रिल्स ने कहा कि मेरे लिए सबसे बड़ी चिंता की बात यही है कि यहां आसपास काफी टाइगर हो सकते हैं, जिनसे हमें खतरा है। इस पर पीएम ने कहा कि यह टाइगर का ही इलाका है। ग्रिल्स एक लकड़ी और चाकू की मदद से अपनी सुरक्षा के लिए एक हथियार तैयार करते हैं। ग्रिल्स ने कहा, ‘आप (पीएम मोदी) देश के महत्वपूर्ण व्यक्ति हैं। आपकी सुरक्षा मेरी प्राथमिकता है। इस पर पीएम ने कहा कि ईश्वर पर भरोसा करें, वह सबकी मदद करते हैं।
जब ग्रिल्स ने पीएम मोदी को चाकू से हथियार बनाकर दिया और कहा कि यह आपकी सुरक्षा के लिए है, इस पर मोदी ने कहा कि किसी को मारना मेरे संस्कार में नहीं है, लेकिन आपकी सुरक्षा के लिए इसे मैं अपने पास रख लेता हूं। अपनी जिंदगी के बारे में बताते हुए पीएम कहते हैं कि मैं करीब 13 साल तक एक राज्य का सीएम रहा। जनता से जुड़ना मेरे लिए हमेशा से बेहद जरूरी रहा है। उसके बाद देश की जनता ने पीएम के तौर पर काम करने का आदेश दिया। तब से पांच साल से इसी काम में लगा हुआ हूं। यदि आप इसे वेकेशन कहते हैं तो यह पिछले 18 साल में मेरा पहला वेकेशन होगा। कार्यक्रम में पीएम ने बताया कि हमें प्रकृति से कभी डर नहीं होना चाहिए। हमें उसके प्रति उत्साहित रहना चाहिए। पीएम ने अपने पिता का जिक्र करते हुए कहा कि जब मैं छोटा था, हमारी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। जब भी बारिश होती थी तो पिताजी 25-30 पोस्ट कार्ड लेकर आते थे और सभी रिश्तेदारों को बारिश होने की खबर देते थे। हम सबको लगता था कि इस बेवजह के खर्चे की क्या जरूरत है, लेकिल अब अहसास होता है कि जब रिश्तेदारों को वो बताते थे कि हमारे गांव में बारिश हो गई है तो उनके चेहरे पर एक संतोष होता था।
पीएम मोदी ने अपनी दादी का जिक्र करते हुए भी बताया कि मेरी दादी जी पढ़ी लिखी नहीं थीं। मेरे चाचा ने लकड़ी का व्यापार करने का मन बनाया। इस पर मेरी दादी बहुत नाराज हुईं। जब दादी से इसका कारण पूछा तो उन्होंने कहा कि भूखे मर जाएंगे, लेकिन लकड़ी बेचने का काम नहीं करेंगे। मेरी दादी का मानना था कि लकड़ी में भी जीवन है। पेड़ काटकर अपना परिवार चलाना ठीक नहीं। प्रकृति के साथ जुड़ाव मुझे संस्कार में मिला है। ग्रिल्स ने पीएम मोदी को हाथ से बनाई हुई नाव में नदी पार कराई। ग्रिल्स ने कहा कि इस तरह की नाव में बैठने वाले शायद आप पहले पीएम होंगे। इस पर पीएम ने कहा कि उनका बचपन इसी तरह से प्रकृति के साथ समन्वय करते हुए बीता है। ग्रिल्स ने पेड़-पौधों पर चर्चा शुरू की तो पीएम ने कहा कि भारत में हर पौधे को भगवान माना जाता है। भारत में साल में एक बार तुलसी की भगवान से शादी करते हैं और उसे परिवार का हिस्सा बनाते हैं। हम अपने मजे के लिए प्रकृति का दोहन करते हैं। यहां से समस्या शुरू होती है।
ग्रिल्स ने पीएम से पूछा कि अगर आप दुनिया को कोई संदेश देना चाहेंगे तो वह क्या होगा? पीएम ने कहा कि प्रकृति के साथ प्रेम करके कैसे जीना, प्रकृति से कुछ भी लेते हैं तो सोचें कि 50 साल बाद जो बच्चा होगा वो पूछेगा कि मेरे हक की हवा क्यों खराब कर रहे हो। मैं शाकाहारी हूं, प्राणी के लिए प्रकृति का महत्व मुझे पता है। कार्यक्रम के अंत में पीएम मोदी ने कहा कि मुझे आपके साथ और प्रकृति के साथ समय बिताने का अच्छा मौका मिला। मुझे उम्मीद है कि जब लोग इसे देखेंगे तो उनका भारत आने का मन होगा। यह भारत के टूरिजम के लिए भी अच्छा होगा।

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