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सपा: हार का गम नहीं, पीछे से धक्का खाया है, उसे कैसे भूलें

वेंटीलेटर पर पड़ी सपा को आॅक्सीजन देगा यह समागम
लोकसभा चुनावों के बाद ग्रास रूट लेबल पर मृतप्राय: हुई सपा
नई ऊर्जा का संचार करने को सपा का समागम कल सूरसदन में

सपा के शीर्ष नेतृत्व की विफल रणनीति और गलत फैसलों से हताश-निराश हुए सपाइयों में जोश का संचार करने की तैयारी हो रही है। सूरसदन प्रेक्षागृह में 15 जुलाई को सपाइयों का समागम होगा और उसमें पार्टीजनों में उत्साह और उमंग का वातावरण स्थापित किया जाएगा। कार्यक्रम में समाजवादी विचारधारा से जुड़े गैर राजनीतिक लोगों को भी आमंत्रित किया गया है। कार्यक्रम सुुबह नौ बजे से शुरू होगा और दोपहर एक बजे तक चलेगा। लोकसभा चुनावों के बाद ग्रासरूट लेबल पर मरणासन्न अवस्था में पहुंची सपा को यह कार्यक्रम नई ऊर्जा देगा।
हालांकि कार्यक्रम से पहले ही सपा दो फाड़ नजर आ रही है। गत दिवस कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर सपा के राष्टÑीय महासचिव रामजीलाल सुमन के आवास पर बैठक हुई जिसमें निवर्तमान शहर अध्यक्ष वाजिद निसार एवं जिलाध्यक्ष रामसहाय यादव और उनके समर्थक नहीं पहुंचे। वहीं कुछ सपाई यह कहते नजर आए कि उन्हें सपा की हार का गम नहीं है, पैक्ट को तोड़ते हुए बसपा सुप्रीमो ने सपा को जिस तरह पीछे से धक्का दिया है, उसे कैसे भूलें।
गत दिवस सपा के समागम कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर हरीपर्वत स्थित सपा के राष्टÑीय महासचिव रामजीलाल सुमन के आवास पर बैठक हुई। श्री सुमन ने वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों को रखते हुए सपा कार्यकर्ताओं की भूमिका व विपक्ष के प्रभावी ढंग को निभाने के लिए कार्यकर्ताओं को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि चुनाव में हार-जीत एक अलग विषय है, परंतु विपक्ष की सशक्त भूमिका के रूप में सपा अपने कर्तव्य से पीछे नहीं हटेगी। भाजपा सरकार के कामों की समीक्षा एवं उनके जनविरोधी कार्यों को जनता के बीच में लाने का काम सपा करेगी। इस मौके पर सपा नेता रईसउद्दीन कुरैशी, सपा नेत्री ममता टपलू ने भी विचार रखे। कार्यक्रम के संयोजक लाल सिंह लोधी, धर्मेंद्र यादव एवं सह संयोजक अनीस खान ने आभार व्यक्त किया। इस मौके पर पूर्व राज्यमंत्री अभिनव शर्मा, सचिन चतुर्वेदी, मुईन बाबूजी, ऊदल सिंह कुशवाह, मीडिया प्रभारी खालिद कुरैशी, क्षमा जैन सक्सेना, कुलदीप सक्सेना, अमीर सिंह फौजदार, गीता शाक्य, नीलम गुप्ता, अनूप यादव, कुलदीप वाल्मीकि, इन्द्रदीप जैन आदि मौजूद रहे।

बसपा के लिए मेहनत
कर पछता रहे सपाई

आगरा। सपाइयों के इस समागम के पीछे कई मकसद है। सूत्रों का कहना है कि कार्यक्रम के जरिए पार्टी को दुर्गति से उबारने के लिए उन लोगों का भी साथ मिल जाएगा जो गैर राजनीतिक हैं और समाजवादी विचारधारा के पोषक हैं। ऐसे व्यक्तियों को भी कार्यक्रम आमंत्रित किया गया है। दरअसल लोकसभा चुनावों में स्थानीय स्तर पर सपाइयों ने बसपा का पूरे दिल से साथ दिया।
चुनावी नतीजे आने पर जब बसपा सुप्रीमो का बयान आया तो सपाई घोर निराशा में डूब गए। सपाई बसपा के साथ पूरी ईमानदारी से किए काम को लेकर अब पछतावा कर रहे हैं। उन्हें अपने शीर्ष नेतृत्व द्वारा बसपा से पैक्ट करने के फैसले से कोफ्त है और अंदरखाने शीर्ष नेतृत्व के अदूरदर्शितापूर्ण निर्णय से वह पार्टी में निष्क्रिय होते नजर आ रहे हैं। पार्टी में निष्ठावान एवं जझारू चेहरे होने से ही सपा की यह दुर्गति हो रही है। चुनाव बाद पार्टी की कोई खास गतिविधि नजर नहीं आ रही है। सच्चाई यह कि मायूस हुए सपाई अब निष्क्रिय होकर घरों में बैठे हैं। कइयों ने पाला बदल लिया है तो कई बिना पाला बदले हुए सत्ता दल के नेताओं के साथ हैं। मुश्किल भरे दौर से गुजर रही सपा के सामने कई चुनौती खड़ी हैं।

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