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लैंडफिल साइड की भूमि पर बनेगा पार्क

  • इंदौर शहर की तर्ज पर किया जाएगा यहां यह कार्य
  • कूड़े की होगी कैपिंग, पार्क बिखेरेगा हरियाली छटा

भले ही एक हजार एकड़ में थीम पार्क नहीं बन सका, लेकिन उसी भूमि के पास नगर निगम की लैंडफिल साइड पर पार्क बनने वाला है। यहां पार्क बनाने की तैयारी हो गई है। कैपिंग करके कार्य किया जाएगा।
ज्ञातव्य है कि नगर निगम के कुबेरपुर खत्ताघर से कुछ दूरी पर फिल्म अभिनेता संजय खान को करीब एक हजार एकड़ भूमि पर थीम पार्क बनाना था, जिसके लिए भू-अधिग्रहण भी हुआ। थीम पार्क एक सपना बनकर रह गया। खत्ताघर पर एक पार्क बनाया जाएगा, जिसका प्रस्ताव मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली हाई पॉवर कमेटी ने मंजूर किया है। टेंडर और एग्रीमेंट की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। शासन से पैसा मिलते ही कार्य शुरू हो जाएगा। बता दें कि मध्य प्रदेश के इंदौर शहर की तर्ज पर आगरा शहर में कूड़े का निस्तारण करके अव्यवस्थाएं दूर की जाएंगी। कूड़े वाले स्थान पर ही एक पार्क विकसित किया जाना है। कूड़े की कैपिंग करके उस पर पार्क बनाया जाएगा। लैंडफिल साइड पांच एकड़ भूमि में फैली है। जो कंपनी इस पार्क को बनाएगी उसे तीन साल तक रख-रखाव करना है। जब पार्क लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने लगेगा तब उसे नगर निगम को हैंडओवर किया जाएगा। पर्यावरण अभियंता का मानना है कि पार्क बनने से कूड़े वाले स्थान पर हरियाली छटा दिखेगी, जो अच्छे पर्यावरण का संदेश देगी। लोग इस पार्क को लुफ्ट उठा सकेंगे। कंपनी पार्क को आकर्षण का केंद्र बनाने के लिए देशी-विदेशी पौधे लगाएगी। ड्रिप सिंचाई से पार्क को हरा-भरा बनाया जाएगा। इससे पानी की भी बचत होगी।

कंपोनेंट से होगी आमदनी
आगरा। देश का सबसे स्वच्छ माना जाने वाला मध्य प्रदेश का इंदौर शहर जहां करीब 100 एकड़ भूमि में नगर निगम का 13 लाख मीट्रिक टन कूड़ा फैला हुआ था। जिस तरह से वहां कार्य हुआ वैसे ही आगरा में होने जा रहा है। इंदौर के सापेक्ष आगरा के प्रोजेक्ट की लागत कम है। उसके पीछे कम भूमि और कम कूड़ा है। यहां करीब छह लाख मीट्रिक टन कूड़ा 50 एकड़ भूमि पर फैला हुआ है।
बता दें कि जब इस भूमि को खाली किया जाएगा तो उसके कंपोनेंट अलग-अलग किये जाएंगे। आरडीएफ (रिफ्यूज्ड ड्राईड फ्यूल) कंपोनेंट को वेस्ट- टू- एनर्जी प्लांट के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। कंपोस्टेविल कंपोनेंट को कंपोस्ट खाद और बायो सीएनजी बनाने में किया जाएगा। फिलर मैटेरियल कंपोनेंट जो भरत करने में काम आयेगा। इसे सड़कों के निर्माण में इस्तेमाल होगा। इन कंपोनेंट की बिक्री करने से आमदनी होगी।

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