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सीबीआई छापों से बड़े अधिकारी हैं दहशत में

जबरन रिटायरमेंट की तलवार भी अधिकारियों पर लटकी
दफ्तरों में बदल गया नजारा, कुर्सी में जमे रहते हैं अफसर
ताबड़तोड़ हो रहे हैं काम, कोई बहानेबाजी नहीं की जा रही

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के विभिन्न ठिकानों पर सीबीआई के छापे का असर दिल्ली में भी दिख रहा है। दिल्ली के विभिन्न मंत्रालयों में वरिष्ठ अधिकारियों में दहशत का माहौल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भ्रष्टाचार के खिलाफ इस मुहिम से दिल्ली के स्थानीय निकायों जैसे निचले स्तर के सरकारी विभाग के मलाईदार पदों पर तैनात अधिकारियों में हड़कंप है। खबर है कि प्रधानमंत्री कार्यालय ने निकम्मे अधिकारियों को जबरदन रिटायर करने के लिए भी फरमान जारी कर दिया है।
यूपी के वरिष्ठ अधिकारियों के ठिकानों पर छापे के बाद देश के नौकरशाही में दहशत फैल गई है। दिल्ली में सबसे अधिक असर स्थानीय निकायों में देखा गया। एनडीएमसी के मलाईदार पदों पर तैनात अधिकारियों में हड़कंप मच गया। एनडीएमसी के स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि डॉक्टर जो सरकारी विभाग में काम करते और शाम को निजी नर्सिंग होम में इलाज करते, वे घबड़ा गये हैं। लाइसेंसिंग विभाग में भी अधिकारी बाहरी व्यक्तियों से बचते नजर आये। यही नहीं, सड़क पर तैनात दिल्ली ट्रैफिक पुलिस चालान के नाम पर रकम एेंठने से भी बचते दिखे।
प्रधानमंत्री कार्यालय जल्द ही केंद्रीय मंत्रालयों के लिए एक फॉरमट जारी करने पर विचार कर रहा है, जिसमें हर महीने अधिकारियों और कर्मचारियों की उपलब्धियों का उल्लेख होगा। जिनकी उपलब्धियां उपयुक्त नहीं होंगी, उन्हें अगले महीने ही जबरन रिटयर कर दिया जाएगा। फिलहाल पीएमओ की तरफ से मौखिक आदेश पिछले सप्ताह दे दिया गया है। जबरदन रिटायर किए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची तैयार की जा रही है। इस फरमान से अधिकारियों और कर्मचारियों में दहशत है। अधिकतर अपनी सीट से गायब रहने वाले ऐसे अधिकारी अब अपने कार्यालय में हर समय उपलब्ध रहते हैं।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जब उन्होंने अपने संयुक्त सचिव से कहा कि मेरे कमरे में एसी खराब है और कु छ जरूरी उपकरण उपलब्ध कराये जाएं, उन्होंने कहा कि आप को अगले महीने जबरन रिटायर करने की सूची में डाल दिया जाएगा। अब कोई कर्मचारी अपने वरिष्ठ अधिकारियों की शिकायतें और कमियों को लेकर उनके पास नहीं जा रहा है। केवल काम पर ध्यान दिया जा रहा है। हालांकि ईमानदार अधिकारी मोदी सरकार के भ्रष्टाचार के खिलाफ इस मुहिम से बेहद खुश हैं। ऐसे एक अधिकारी ने कहा कि इस मुहिम से आॅफिस में वर्क कल्चर विकसित हो रहा है और अधिकारी तत्काल फैसला ले रहे हैं। पीएम नरेंद्र मोदी ने कई बार सचिवों की बैठक में कह चुके हैं कि वे फैसले लें। यदि फैसले लेने में कोई चूक होती है और उनकी मंशा गलत नहीं है तो माफ कर दिया जायेगा।

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