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बाल गृह के दस बच्चों अब पढ़ सकेंगे

  • स्कूल में दाखिले के लिए बाल संरक्षण आयोग को देना पड़ा दखल, निर्देश मिलने पर डीएम ने दिलाया प्रवेश

आगरा। बाल आयोग के हस्तक्षेप पर बाल गृह के उन 13 बच्चों को बाहर के स्कूल में दाखिला मिल गया है जो अब तक चारदीवारी के अंदर घुट रहे थे। ये बच्चे पढ़ना चाहते थे, लेकिन स्कूल प्रबंधन ने कम स्टाफ होने का हवाला देकर दाखिला देने से मना कर दिया था। जिलाधिकारी और बीएसए से भी गुहार लगाई गई, लेकिन उन्होंने भी कोई कदम नहीं उठाया।
महफूज सुरक्षित बचपन संस्था के समन्वयक नरेश पारस ने हार नहीं मानी। उन्होंने राष्टÑीय बाल संरक्षण आयोग को लिखा। आयोग ने दखल दिया और अब इन बच्चों का पढ़ने का सपना पूरा होने जा रहा है।
विष्णु कॉलोनी शाहगंज स्थित राजकीय बाल गृह में ऐसे बच्चे रहते हैं, जिनके माता-पिता नहीं हैं अथवा उन्होंने उनको छोड़ दिया है। यहां दस वर्ष तक की आयु के बच्चों को रखा जाता है। सरकार द्वारा उनका पालन पोषण किया जाता है। नरेश पारस ने पांच साल पूर्व इन बच्चों में शिक्षा की ललक पैदा की थी। शिक्षा विभाग से एक शिक्षा मित्र नियुक्त कराया जो बाल गृह आकर इन बच्चों को नियमित पढ़ा रहा है लेकिन इस पढ़ाई से बच्चों को कक्षा का प्रमाण पत्र नहीं मिल रहा था। आगे बढ़ने के लिए कक्षा का प्रमाण पत्र होना बहुत जरूरी है। इसी उद्देश्य से बीएसए के माध्यम से बाल गृह के सामने सरकारी स्कूल में आठ बच्चों का दाखिला कराया गया जो पढ़ने जाने लगे। बड़े होने पर दो बालिकाओं का कानपुर तथा एक बालक का फिरोजाबाद के बाल गृह में स्थानांतरण कर दिया गया।
श्री पारस के अनुसार बाल गृह के अन्य दस बच्चे, जिनकी आयु दस वर्ष से अधिक थी, वो भी बाहर के स्कूल में पढ़ने जाना चाहते थे। वो भी बाहर की दुनिया देखना चाहते थे। वो भी बाहर के दोस्त बनाना चाहते थे। बाल गृह के कर्मचारियों ने स्कूल में बच्चों का दाखिला कराने का प्रयास किया लेकिन स्कूल प्रधानाध्यापक ने यह कहकर दाखिला देने से इंकार कर दिया कि उनके यहां स्टाफ कम है। डीएम और बीएसए भी कोई मदद नहीं कर सके। पारस ने राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग को लिखा। इस पर आयोग ने जिलाधिकारी को बच्चों को दाखिला दिलाने के निर्देश दिए। अब इन दस बच्चों को श्रीराम प्रसाद कन्या पाठशाला रामपुरी शाहगंज, में दाखिला मिल गया है। साथ ही मानसिक रूप से अविकसित/मंदबुद्धि तीन बालक बालिकाओं को स्वाबलंबी बनाने के उद्देश्य से शाहगंज स्थित आध्यांत फाउंडेशन फॉर आॅटिज्म स्कूल में प्रवेश दिलाया गया है। पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों को बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा नियुक्त शिक्षा मित्र रजनीश सिंह द्वारा अनौपचारिक शिक्षा प्रदान की जा रही है। वर्तमान में संस्था मे कुल 42 बच्चे आवासित हैं।

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