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गंगाजल परियोजना: बिना कार्य किये ही ठेकेदार का कर दिया गया भुगतान

  • कमला नगर क्षेत्र के मुगल रोड का मामला
  • पिछले साल यहां डाली गई थी पाइप लाइन
  • अभी तक सड़क की नहीं की गई है मरम्मत
  • अब मुख्यमंत्री से शिकायत करने की तैयारी

नगर निगम के भाजपा पार्षद का आरोप

कमला नगर में मुगल रोड पर भरा बारिश का पानी।

केंद्र की मोदी और सूबे की योगी सरकार आगरा शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए पैसा पानी की तरह बहा रही हैं, लेकिन जिम्मेदार विभागों के अफसरों की मनमानी पलीता लगा रही है। भ्रष्टाचार रूपी दीमक सरकार के सपनों को खोखला करने में लगी है। स्मार्ट सिटी परियोजना के बाद अब गंगाजल परियोजना पर घोटाले का आरोप लगा है, जिसकी शिकायत मुख्यमंत्री से करने की तैयारी हो रही है। यदि ऐसा हुआ तो जल निगम के अधिकारी कार्रवाई की जद में आ सकते हैं।
नगर निगम के वार्ड 87 से भाजपा पार्षद रवि शर्मा ने बताया कि कमला नगर में मुगल रोड पर करीब डेढ़ साल पहले गंगाजल के लिए पाइप लाइन डाली गई थी। सड़क का यहां करीब 200 मीटर के टुकड़ा बिना मरम्मत के छोड़ दिया। खुदाई से यहां लगी पांच स्ट्रीट लाइटों के पोल भी टूट गये। पाइप लाइन का कार्य पूरा होने के लिए जल निगम के अफसरों से कहा था, लेकिन उसे गंभीरता से नहीं लिया। इसके बाद सदन में इसे उठाया गया। मेयर नवीन जैन ने गंभीरता दिखाते हुए पार्षदों की एक जांच कमेटी बनाई। कमेटी ने अपना रिपोर्ट सौंपी। इसके बाद भी सड़क बिना मरम्मत के यूं ही पड़ी है। ये टुकड़ा बारिश के पानी से लबालब है। यहां से कमला नगर एक्सटेंशन, बल्केवर एवं दयालबाग के लोग निकलते हैं।
पार्षद का आरोप है कि इस सड़क की मरम्मत के संबंध में जल निगम की गंगाजल परियोजना के महाप्रबंधक पीयूष पंकज और परियोजना प्रबंधक आरके पंकज से बात की तो उनका जवाब अटपटा था। अफसरों का कहना था कि उक्त ठेकेदार ने पाइप लाइन डालने का टेंडर बिलो लिया था, इसलिए उसने सड़क की मरम्मत का कार्य नहीं किया। उसका भुगतान कर दिया गया है। अब वो मरम्मत करने के मूड में नहीं है। पार्षद का कहना है अफसरों की साठ-गांठ से ठेकेदार सरकारी पैसे का बंदर बांट करके जनता के लिए परेशानियां बढ़ा रहे हैं। पिछले कई दिनों से हो रही बारिश के कारण इस सड़क पर चलना किसी खतरे से कम नहीं है। यहां लोकल स्तर पर अधिकांश अफसरों से शिकायत कर ली, लेकिन सड़क की मरम्मत का कार्य नहीं हुआ। अब इसकी सबूतों के साथ मुख्यमंत्री से शिकायत करेंगे। इस संबंध में जल निगम की गंगाजल परियोजना इकाई के महाप्रबंधक पीयूष पंकज से संचार संपर्क साधा गया, लेकिन हो नहीं सका।

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