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बवाल के बाद आगरा में शांति

  • खुफिया विभाग की लापरवाही सामने आई, डीआईजी और एसएसपी पर गिरी गाज
  • आगरा और अलीगढ़ मंडल के सभी जिलों में सतर्कता बढ़ाई गई, फोर्स तैनात

ताजनगरी के मंटोला में सोमवार को हुआ बवाल डीआईजी और एसएसपी को ले डूबा। दोनों को देर रात शासन ने हटा दिया है। उधर उपद्रव वाले क्षेत्र में अब शांति है। एहतियात के लिहाज से भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात है। मिश्रित आबादी वाले इलाकों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। झारखंड की मॉब लिंचिंग की घटना को लेकर मेरठ के बाद आगरा में हुए बवाल के बाद शासन सजग हो गया है। माना जा रहा है कि सुनियोजित तरीके से कुछ लोग शांत फिजां में खलल डालने की कोशिश कर रहे हैं। आगरा और अलीगढ़ मंडल के सभी जिलों में पुलिस प्रशासन सजग हो गया है।
आगरा की घटना के बारे में शासन ने कहीं न कहीं माना है कि पुलिस की ढिलाई से यह बवाल हुआ, इसलिए डीआईजी लव कुमार और एसएसपी जोगिंदर कुमार को हटा कर डीआईजी की जगह आईजी पद पर सतीश गणेश और एसएसपी पद पर बबलू कुमार को तैनात किया गया है। दोनों अधिकारी आज चार्ज लेने आ सकते हैं।
बता दें कि रविवार को मेरठ में बवाल हुआ था। वहीं कुछ अन्य शहरों में भी मॉब लिंचिंग की घटना के विरोध की चिंगारी सुलग रही है। इसके चलते वेस्ट यूपी को अलर्ट पर रखा गया था। इसके बाद भी आगरा में पुलिस अधिकारियों व खुफिया विभाग ने मिश्रित आबादी में अंदर की गतिविधियां जानने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए। इसके चलते बगैर अनुमति निकाले जा रहे जुलूस ने बवाल का रूप धारण कर लिया। दरअसल बगैर अनुमति जुलूस निकालते लोगों को पुलिस ने रोक दिया था। इसी दौरान कुछ बवालियों ने पथराव शुरू कर सनसनी फैला दी। आसपास की दुकानें भी बंद कराने की कोशिश की, जिसकी वजह से बवाल बढ़ा। जिस जगह बवाल हुआ, वहां पुलिस का कोई भी जवान ड्यूटी पर मौजूद नहीं था। सिर्फ एक दरोगा था। वह भी दुकान पर कुछ सामान लेने आया था। बवालियों की संख्या सैकड़ों में देख दरोगा भी गायब हो गया। बवालियों की हिम्मत इतनी बढ़ गई थी कि उन्होंने दुकानों को जबरन बंद कराने के साथ ही लूटपाट भी की। इस बीच फोर्स पहुंच गया और लाठीचार्ज कर सभी को दौड़ा दिया।
इस घटना के बाद सभी थाना क्षेत्रों में जहां-जहां मिश्रित आबादी है, वहां पर 12-12 घंटे की शिफ्टों में पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। आज सुबह भी पुलिस चौकन्ना थी। सीओ और मजिस्ट्रेट भी चौकन्ने हैं। रात में भी उनके द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों में पुलिस की चौकसी को चेक किया गया। डीआईजी और एसएसपी के हटने के बाद तो पुलिस के और भी ज्यादा कान खड़े हो गए हैं। सीओ स्तर के कुछ अधिकारियों पर भी गाज गिरने की संभावना है।

गिरफ्तारी का चल रहा दौर
आगरा। मामले में पुलिस की ओर से दो और व्यापारियों की ओर से चार मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। पुलिस की ओर से दर्ज किए गए मुकद्मे में बवाल करना, सोशल मीडिया का सहारा लेकर लोगों को जामा मस्जिद पर एकजुट करना, बिना अनुमति जुलूस निकालना आदि शामिल हैं। वहीं व्यापारियों की ओर से लूट और बलवा के मुकद्मे दर्ज कराए गए हैं। पुलिस गिरफ्तारी में जुटी हुई है। वीडियो के आधार पर आरोपियों को चिन्हित किया जा रहा है। कुछ की गिरफ्तारी भी हो गई है।

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