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हाथी पर सवार हुए पिता-पुत्र, टूंडला से शुरू करेंगे नई पारी

बसपा के एक बड़े नेता के कमजोर होते ही सक्रिय हो गए पिता-पुत्र
आगरा से चुनाव लड़े मनोज के जरिए नेतृत्व पर पहुंची ग्राउंड रिपोर्ट

बसपा से निष्कासित होने के तीन वर्ष बाद पूर्व मंत्री नरायन सिंह एवं पूर्व एमएलसी वीरू सुमन की घर वापसी हो गई है। तीन वर्ष पहले दोनों को पार्टी प्रत्याशियों के विरोध में गतिविधियां करने का आरोप लगाते हुए निष्कासित कर दिया गया था। बसपा से निष्कासित होने के बाद 2017 में विधानसभा चुनावा में उन्होंने रालोद का दामन थाम लिया था। इसके बाद पूर्व मंत्री नरायन सिंह आगरा ग्रामीण विस क्षेत्र एवं उनके बेटे रामू छावनी विस क्षेत्र से चुनाव लड़े थे लेकिन हार का सामना करना पड़ा। लोकसभा चुनाव आने पर पिता-पुत्र को लेकर कयास लगाए जा रहे थे कि वे कांग्रेस या भाजपा का दामन थाम सकते हैं। लोकसभा चुनाव के लिए सभी दलों के प्रत्याशियों की घोषणा होने के बाद पिता-पुत्र ने बसपा के लिए ही काम किया। जब लोकसभा चुनाव के नतीजे आए तो बसपा में पूर्व मंत्री नरायन सिंह के विरोधी एक बड़े नेता के बसपा सुप्रीमो ने पर कतर दिए, जिससे नरायन सिंह की घर वापसी की उम्मीदें बढ़ गईं। आगरा से लोकसभा का चुनाव लड़े मनोज सोनी भी पूर्व मंत्री को बसपा में लाने के लिए प्रयासरत रहे। इसी का नतीजा रहा कि गत दिवस लखनऊ में पिता-पुत्र की बसपा में वापसी हो गई।
विदित हो कि बसपा में पूर्व मंत्री नरायन सिंह एवं उनके बेटे पूर्व एमएलसी वीरू सुमन को 2016 से पहले काफी मजबूत माना जाता था। यह बात बसपा के एक बड़े पदाधिकारी को चुभती थी। सूत्रों का कहना है कि इस बड़े नेता ने बसपा में पिता-पुत्र को कमजोर करने के लिए बसपा सुप्रीमो से चुगली शुरू कर दी थी। आखिरकार बसपा के इस बड़े नेता को अपनी योजना में सफलता मिली और वह पिता-पुत्र को पार्टी से निष्कासित कराने में सफल रहा। पिछले तीन वर्ष से पिता-पुत्र ऐसे मौके के इंतजार में थे कि कब इस बड़े नेता के कारनामे पार्टी में उजागर हों और उस पर कार्रवाई हो और उन्हें अपनी बात कहने का मौका मिले। गत लोकसभा चुनाव के दौरान इस बड़े नेता का पार्टी में कद और बढ़ गया लेकिन चुनाव के नतीजे आने पर इस बड़े नेता सितारे कमजोर हो गए।
सूत्रों का कहना है कि बसपा प्रत्याशी मनोज सोनी को हराने के लिए इस बड़े नेता ने अंदरखाने खूब चालें चलीं। जब निचले स्तर से पार्टीजनों ने इसकी सूचना किसी माध्यम से बसपा सुप्रीमो तक पहुंचाईं तो इस बड़े नेता के पर कतर दिए गए और इसी बीच बसपा में नरायन सिंह एवं वीरू सुमन के समर्थकों ने एकजुट होकर शीर्ष नेतृत्व के आगे सारी सच्चाई रख दी। इस पूरे एपिसोड में मनोज सोनी की अहम भूमिका रही। उन्होंने हाल ही में आगरा सीट से लोकसभा चुनाव लड़ा है, उन्हें चुनाव के दौरान जब यह पता चला कि कौन पार्टी में भितरघात कर रहा है और कौन पार्टी के लिए ईमानदारी से काम कर रहा है। इस बात की रिपोर्ट उन्होंने शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाई। इसके बाद अति गोपनीय बैठकों का दौर चला और नरायन सिंह एवं वीरू सुमन को पार्टी में शामिल कर लिया गया।
चर्चाएं हैं कि प्रो. एसपी सिंह बघेल के आगरा से सांसद चुने जाने के बाद टूंडला विधानसभा क्षेत्र पर होने वाले उप चुनाव में बसपा से नरायन सिंह या वीरू सुमन में से कोई एक चुनाव लड़ सकता है। ऐसा हुआ तो टूंडला में होने वाले उप चुनाव से पूर्व मंत्री नरायन सिंह एवं वीरू सुमन की नई राजनीतिक पारी शुरू होगी।

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