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आरबीएस का जलवा आज भी पहले की तरह बरकरार

  • देश-विदेश में सैकड़ों छात्र लहरा रहे हैं परचम
  • 1885 में राजा बलवंत सिंह ने की थी स्थापना
  • बीएससी कृषि कोर्स की तो सबसे ज्यादा डिमांड

एशिया का सबसे बड़ा कॉलेज आरबीएस अपना जलवा बरकरार रखे हुए हैं। यहां प्रवेश पाकर पढ़ना किसी सपने से कम नहीं है। साल दर साल कॉलेज नई बुलंदियों को छू रहा है। यहां से पढ़कर निकले छात्र कृषि वैज्ञानिक, वैज्ञानिक, इंजीनियर, डॉक्टर, प्रशासनिक पदों पर काबिज हैं। वह देश-विदेशों में अपना परचम फहरा रहे हैं। प्रवेश के लिए हमेशा ही यहां मारामारी देखने को मिली है।
कॉलेज की स्थापना 1885 में हुई थी। अवागढ़ राज्य के राजा बलवंत सिंह के प्रयासों से कॉलेज खुल सका था। गरीबों को शिक्षा देने के उद्देश्य से उनके द्वारा कॉलेज की स्थापना की गई थी। 1940 में यह डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से संबद्ध हो गया। वर्तमान में कॉलेज में कई कोर्स चल रहे हैं। रोजगार परक कोर्सों को भी कॉलेज चला रहा है। बीएससी कृषि, बीकॉम, बीएससी आदि सभी कोर्स लोकप्रिय हैं। शहर में जितने भी एडेड कॉलेज हैं, उसमें एकमात्र इसी कॉलेज में बीएससी कृषि कोर्स संचालित है। इसलिए इस कोर्स को करने के लिए यहां सैकड़ों की तादाद में फॉर्म आते हैं। मंडल और दूर-दराज के छात्र यहां आकर प्रवेश लेकर पढ़ाई करते हैं। कॉलेज में ड्रेस कोड भी लागू है। शिक्षकों द्वारा छात्रों को अनुशासन का पाठ भी पढ़ाया जाता है। प्रवेश के लिए छात्रों द्वारा मंत्री, अधिकारियों तक से सिफारिशें कराई जाती है।
कॉलेज में समय-समय पर सेमिनार होती रहते हैं। कॉलेज प्रशासन ने बताया कि प्रवेश के बाद छात्रों की 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य है। उपस्थिति कम होने पर छात्रों के प्रवेशपत्र रोक दिए जाते हैं। कॉलेज से पढ़कर निक ले कई पूर्व छात्र कॉलेज का नाम रोशन कर रहे हैं। डॉ. धीरेंद्र पाल सिंह चेयरमैन यूजीसी, डॉ. ध्यानपाल सिंह पूर्व कुलपति जेएलएनएन विवि जबलपुर, डॉ. एससी मुद्गल पूर्व कुलपति जीवी पंत इसी कॉलेज के छात्र रहे हैं। कॉलेज में एनएसीसी और एसएनएस की यूनिट भी है।

कोर्स सीटें
बीए 630
बीएससी 210
बीएससी कृषि 140
बीकॉम 210
एमकॉम 210
एमएससी फिजिक्स 30
एमएससी केमिस्ट्री 30
एमएससी मैथ 30
एमएससी बॉटनी 30
एमएससी जूलोजी 30
एमएससी सीड टेक्नोलॉजी 30
एमएससी बॉयो टेक्नोलॉजी 30
एमएससी एग्रीकल्चर 30
एमए अंग्रेजी 70
एमए हिंदी 70
एमए संस्कृत 70
एमए राजनीति शास्त्र 70
एमए भूगोल 60
एमए समाज शास्त्र 70
बीबीए 60
बीसीए 90

इंसेट (दोनों फोटो गौरव फोल्डर में नाम से)
इस सत्र में कुछ सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्स भी शुरू किए जा रहे हैं। कॉलेज में सदैव प्रवेश को मारामारी रही है। बीए, बीएससी, बीकॉम में प्रवेश को अब तक कई आॅनलाइन फॉर्म आए हैं।
डॉ. एसपी मदनावत, प्राचार्य
आरबीएस कॉलेज

कॉलेज छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ अनुशासन में रहने का पाठ भी पढ़ाता है। कॉलेज से पढ़कर निकले छात्र-छात्राएं देश विदेश में नाम रोशन कर रहे हैं। कॉलेज को और ऊंचाइयों तक पहुंचाने के निरंतर प्रयास जारी हैं।
राजा अंबरीश पाल सिंह, सचिव

बलवंत एजूकेशनल सोसायटी

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