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भू-जल के दोहन से डीएम चिंतित

  • अधिक से अधिक घरों तक गंगाजल पहुंचे
  • जल संस्थान के अफसरों को दिये हैं निर्देश

डीएम एनजी रवि कुमार चाहते हैं कि सबमर्सिबल पंपों से कम पानी खींचा जाये। इस भू-जल का लोग कम से कम इस्तेमाल करें, जिससे कि इसका दोहन रुक सके। वे भू-जल के गिरते लेवल को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने जल संस्थान के अफसरों को निर्देश दिये हैं कि अधिक से अधिक घरों तक गंगाजल पहुंचाएं। जहां बाधा आए तो तत्काल बताएं, जिससे उसका समय रहते समाधान हो सके।
बता दें कि जिले में पहले ही 15 विकास खंडों में से 13 डार्क जोन में पहुंच चुके हैं। बोरिंग की गहराई 350 फुट तक पहुंच गयी है। बढ़ती बोरिंग की गहराई पानी की गुणवत्ता भी खराब कर रही है। पानी में खारापन बढ़ रहा है। शहर से लेकर गांवों तक भू-जल का लेवल नीचे जाने से हैंडपंप पानी देना बंद कर रहे हैं। सबमर्सिबल पंपों से दनादन पानी खींचा जा रहा है। इससे पानी की बर्बादी भी हो रही है। लोग आवश्यकता से अधिक पानी खींच लेते हैं। इससे भू-जल के लेवल में गिरावट आ रही है।
ज्ञातव्य है कि हाल ही में जिलाधिकारी एनजी रवि कुमार ने एक बैठक बुलाई थी, जिसमें एडीए, जल निगम, गंगाजल परियोजना इकाई, जल संस्थान और नगर निगम के अधिकारी पहुंचे थे। बैठक का एजेंडा पानी की व्यवस्था था। पानी की समस्या को लेकर जिलाधिकारी गंभीर थे। इस बार उन्होंने अधिकारियों को लक्ष्य दिया है। अनदेखी करने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी। कहा था कि यमुना पार क्षेत्र में टैंकरों से पानी की व्यवस्था बनाएं। शास्त्रीपुरम् में गंगाजल को जल्द पहुंचाएं।
जिलाधिकारी ने कहा कि शहर की जरूरत के हिसाब से गंगाजल उपलब्ध है। इससे अधिक से अधिक घरों तक पहुंचाएं, जिससे लोग भू-जल का इस्तेमाल कम करें। पाइप लाइनों और कनेक्शनों की व्यवस्था की जाये। सबसे पहले संजय प्लेस क्षेत्र को गंगाजल से संतृप्त करें। एक-एक करके सभी क्षेत्रों को पर्याप्त मात्रा में गंगाजल दें। समय रहते भू-जल के दोहन को रोकना है। उन्होंने लोगों से अपील भी की है कि भू-जल को सबमर्सिबल पंपों से कम मात्रा में खींचे। जिलाधिकारी के निर्देश के बाद जल संस्थान के अधिकारी कवायद में जुट गये। उन्होेंने शास्त्रीपुरम् में गंगाजल पहुंचा दिया है। अब एडीए के अधिकारियों की बारी है कि जल्द से जल्द से लोगों को गंगाजल वाली जलापूर्ति दें।
जल संस्थान के अधिशासी अभियंता राजेंद्र कुमार आर्या ने बताया कि गंगाजल को अधिक से अधिक घरों तक पहुंचाने की दिशा में कार्य चल रहा है। पाइप लाइन होने के बाद भी लोगों के घरों में कनेक्शन नहीं उनसे कनेक्शन करवाने के लिए कहा जा रहा है। जल निगम की विश्व बैंक इकाई के परियोजना प्रबंधक महेश गौतम ने बताया कि अमृत योजना में पानी के लिए कनेक्शन किये जा रहे हैं। ये कनेक्शन नि:शुल्क हैं।

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