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एनएचएआई की मनमानी से पानी की पाइप लाइनों पर छाया संकट!

  • पाइप लाइनों के ऊपर बना रहे फुट ओवर ब्रिज
  • कमला नगर में खुदाई करने पर टूटी पाइप लाइन
  • जल संस्थान को मरम्मत में आ सकती है परेशानी
हाईवे के सर्विस रोड पर कमला नगर में एनएचएआई द्वारा तोड़ी गयी पानी की पाइप लाइन। दूसरे चित्र में मरम्मत के बाद गड्ढे को मिट्टी से भरते कर्मचारी।

यदि समय रहते एनएचएआई की मनमानी पर अंकुश नहीं लगा तो शहर में पानी का संकट और गहरा सकता है। वो बिना एनओसी के ही हाईवे पर फुटओवर ब्रिज बना रही है। इस कार्य से जल संस्थान की पाइप लाइनों पर संकट के बादल हैं। पाइप लाइनों पर ही ब्रिज का फाउंडेशन बनाने की कवायद हो रही है। कमला नगर में तो 400 एमएम की पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गयी। लाखों लीटर पानी सड़क पर बह गया। सवाल उठता है क्या यूं ही पानी की पाइप लाइनें भेंट चढ़ती रहेंगी?
केंद्र और सूबे की सरकार शहर को स्मार्ट बनाने और जनसमस्याओं को दूर करने के लिए पैसा पानी की तरह बहा रही हैं। 2888 करोड़ रुपये की लागत से यहां गंगाजल परियोजना के तहत गंगाजल की व्यवस्था की गयी है। करीब दो हजार करोड़ रुपये स्मार्ट सिटी परियोजना पर खर्च होने हैं। वन सिटी वन आॅपरेटर परियोजना के तहत करीब 1200 करोड़ रुपये से सीवर एवं नालों की व्यवस्था बेहतर होनी है। इसके अलावा पानी की पाइप लाइनों को दुरुस्त करने के लिए करोड़ों रुपये के प्रस्ताव स्वीकृति के लिए शासन में पड़े हैं। पुरानी जर्जर पाइप लाइनों को बदलने का कार्य भी शामिल है। शासन-प्रशासन पानी और सीवर की समस्या को दूर करना चाहता है, लेकिन जिस तरह से एनएचएआई की मनमानी चल रही है उससे तो समस्या और विकराल हो सकती है।
बता दें कि शहर की सीमा में दिल्ली-आगरा-कानपुर हाईवे पर करीब आधा दर्जन फुट ओवर ब्रिज प्रस्तावित हैं। इनके निर्माण का कार्य चल रहा है, जो जल संस्थान और जनता के लिए परेशानी खड़ी कर रहा है। बीते दिवस हाईवे पर कमला नगर क्षेत्र में फुट ओवर ब्रिज बनाने का कार्य शुरू हुआ। एनएचएआई की तरफ से ब्रिज के फाउंडेशन के लिए सर्विस रोड पर गड्ढे की खुदाई की गई तो वहां से गुजर रही जल संस्थान की 400 एमएम (18 इंच) की पाइप लाइन टूट गयी। इससे लाखों लीटर पेयजल सड़क पर बह गया। हालांकि जानकारी होने पर जल संस्थान ने उसमें पानी का बहाव बंद कर दिया था। इसके बाद उसकी मरम्मत की गयी। जल संस्थान के अवर अभियंता विनीत चौधरी ने बताया कि जिस स्थान पर एनएचएआई फुट ओवर ब्रिज बनाने के लिए फाउंडेशन बनाने के लिए खुदाई कर रही थी वहां पानी की दो बड़ी पाइप लाइनें बिछी हैं। इनमें सबसे ऊपर 18 इंच और उसके नीचे 16 इंच की पाइप लाइन है। ये सर्विस रोड के फुटपाथ के नीचे हैं। अभी कार्य रुकवा दिया गया है। साथ ही एनएचएआई के अधिकारियों को बता दिया गया है कि पाइप लाइनों के ऊपर फाउंडेशन नहीं बनाया जा सकता है।
इसी तरह इन्होंने अबुउल्लाह दरगाह कट के पास फुट ओवर ब्रिज बनाने के लिए खुदाई की तो 16 इंच की पाइप लाइन टूट गयी थी। अब जो फॉउंडेशन बना हुआ है वो पाइप लाइन से करीब एक फुट दूर है। यदि कभी पाइप लाइन की मरम्मत या बदलने के लिए कार्य हुआ तो खुदाई करने में दिक्कत आएगी। पाइप लाइनों से सटाकर या उनके ऊपर फुट ओवर ब्रिज बनने से समस्या खड़ी हो जाएगी।

जल संस्थान नहीं होने देगा
पाइप लाइनों पर निर्माण

आगरा। हाईवे पर बनने वाले फुट ओवर ब्रिजों को लेकर जल संस्थान सतर्क हो गया है। हॉस्पिटल में भर्ती होने के बाद भी अधिशासी अभियंता राजेंद्र कुमार आर्या ने अधीनस्थों से जानकारी करने के बाद एडीएम सिटी और एनएचएआई के परियोजना निदेशक को पत्र लिखकर समस्या से अवगत करा दिया है। उनका कहना है कि पाइप लाइनों पर किसी भी तरह का निर्माण नहीं होने दिया जाएगा। पहले ही गुरुद्वारा गुरू का ताल के सामने आरओबी के पिलर का फाउंडेशन बनने से विभाग काफी परेशान हुआ है। अब ऐसा नहीं होंने देंगे। पाइप लाइन की मरम्मत के लिए जगह की जरूरत होती है। कमला नगर में जो लाइन फटी है उससे एक लाख से अधिक की आबादी को पानी मिलता है। बिना एनओसी के फुट ओवर ब्रिज बनाये जा रहे हैं। विभाग से किसी तरह की जानकारी नहीं ली गयी है।

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