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अब प्रत्याशी के समर्थकों की अग्निपरीक्षा!

  • कल मतदान तक करेंगे वोटों की निगरानी, मिली जिम्मेदारी
  • गांव-गांव, वार्ड-वार्ड समर्थक बिछाने लगे गोटियां, कवायद

आज से प्रत्याशी के समर्थकों की अग्नि परीक्षा शुरू हो चुकी है। कल मतदान तक इन्हें मतदाताओं की निगरानी करनी है। जिम्मेदारी मिलते ही समर्थकों की ओर से गांव-गांव, वार्ड-वार्ड गोटियां बिछाने की कवायद चल रही है। ये अपने-अपने प्रभाव वाले क्षेत्रों में फैल गये हैं। चर्चा है कि प्रत्याशी भी इनके संपर्क में रहेंगे, जरूरत पड़ने पर वो मोबाइल पर वीडियो कॉलिंग करके बात भी कराएंगे।
ज्ञातव्य है कि कल सुबह छह बजे मॉक पोल के बाद लोकसभा चुनाव के लिए मतदान शुरू हो जाएगा। बीती शाम चुनाव प्रचार भी थम चुका है। चुनाव आयोग की सख्ती से सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ, बसपा सुप्रीमो मायावती, केंद्रीय मंत्री मेनिका गांधी और पूर्व मंत्री मो. आजम खां भी नहीं बच पाये हैं तो प्रत्याशी कैसे बचेंगे। इस सख्ती का डंका चहुंओर है। इससे बचने के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रत्याशी सावधानी बरतने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ना चाहते। प्रत्याशी बिना दल-बल के साथ घर-घर जाकर वोट मांग सकते हैं, लेकिन इससे हर घर के मुखिया तक नहीं पहुंच सकते। वैसे भी वे घर-घर नहीं पहुंच सकेंगे। इससे कुछ मतदाताओं में नाराजगी भी है। ये नाराजगी देहात क्षेत्रों में ज्यादा है।
सूत्रों की मानें तो इसी नाराजगी को दूर करने और मतदाताओं की निगरानी करने के लिए अपने-अपने सभी समर्थकों को क्षेत्रों में फैला दिया है। वे आज से कल मतदान तक अपने-अपने प्रभाव वाले क्षेत्र (गांव/वार्ड) में मतदाताओं के बीच रहेंगे। ये समर्थक अपनी टीमों के साथ दिन-रात मतदाताओं की निगरानी करेंगे। देहात क्षेत्रों में समर्थकों का सहारा ज्यादा प्रभावी रहेगा। यहां चुनाव आयोग की निगरानी का इतना प्रभाव नहीं होता है। चौपालों पर समर्थक और उनकी टीम के सदस्य नजर आएंगे। ये लोग मतदाताओं के बीच पार्टी और प्रत्याशी की नीतियों एवं वादों की जिक्र करेंगे। एक समर्थक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अभी तक प्रत्याशी के साथ और अलग रहकर अपनी टीम के साथ लोगों से वोट मांगने में पसीना बहा रहे थे, अब ये जिम्मेदारी बढ़ गई है।
अभी तक तो वोट मांगने की बात थी, लेकिन अब उनकी निगरानी भी करनी है। दूसरे लोग मतदाताओं का दिमाग परिवर्तन न कर दें। इन 24 घंटे में मतदाताओं को तरह-तरह के आॅफर दिये जाएंगे। ये आॅफर गांव/वार्ड के चुनिंदा लोगों (घरों के मुखियाओं) को दिये जाएंगे। उनसे अन्य कई परिवार भी जुड़े होते हैं जो उनकी बात मानते हैं। इस कार्य में अपने-अपने लोगों को और सक्रिय कर दिया गया है। आज पूरे दिन और रात भर घूमना है। परिणाम कुछ भी आएं, लेकिन मेहनत और निष्ठा में कोई कमी छोड़ेंगे।

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