आज की खबर आज
Agra

मुकाबला बहुत कश्मकश का होगा

आगरा सीट पर बघेल और सोनी के बीच चार सीटों पर वोटों का थोड़ा सा अंतर

आगरा लोकसभा सीट को लेकर लोगों ने हार-जीत के आंकड़े लगाने शुरू कर दिए हैं। इस बार के चुनाव में पिछले चुनाव जैसी मोदी लहर भी नहीं है। आगरा लोकसभा सीट को लेकर न केवल राजनीतिक दलों में बल्कि जागरूक लोगों में भी स्थिति काफी कुछ स्पष्ट है। आगरा सीट पर भाजपा से प्रो. एसपी सिंह बघेल एवं बसपा से मनोज सोनी तथा कांग्रेस से प्रीता हरित समेत कई निर्दलीय उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। पिछले लोकसभा चुनावों में मोदी लहर में बीजेपी के सांसद डा. रामशंकर कठेरिया ने 583716 वोट पाकर जीत हासिल की थी, जबकि बसपा को 283453 वोट प्राप्त हुए थे। वहीं सपा को 134708 वोट मिले थे जबकि कांग्रेस को करीब 35 हजार मत प्राप्त हुए थे। लोग विधानसभा चुनावों में विभिन्न दलों को मिले वोटों के आंकड़े खंगाल रहे हैं। पिछले विधानसभा चुनावों में मिले वोटों के आंकड़ों का गुणा-भाग कर यह आंकलन किया जा रहा है कि किस दल को कितने वोट मिल सकते हैं।
2014 के लोकसभा चुनावों की बात करें तो भाजपा के प्रत्याशी रामशंकर कठेरिया करीब तीन लाख वोटों से जीते थे। जितने वोटों से इस सीट पर भाजपा की जीत हुई थी उसे देखकर भाजपाई आश्वस्त हैं कि वह इस बार भी प्रो. एसपी सिंह बघेल की जीत भी ऐसी ही धमाकेदार होगी। वोटों की संख्या के हिसाब से भले ही थोड़ा ऊपर-नीचे हो सकता है।
सपा और रालोद को साथ लेकर बसपा प्रत्याशी मनोज सोनी भी चुनाव मैदान में ताल ठोक रहे हैं। बसपा, सपा और रालोद नेताओं द्वारा दावा किया जा रहा है कि यह 2014 के चुनाव नहीं। मौजूदा हालातों पर नजर डाली जाए तो 2019 में आगरा सीट से हाथी पार जाएगा। वहीं कांग्रेसजन भी हुंकार भर रहे हैं। राजस्थान, मध्यप्रदेश तथा छत्तीसीगढ़ के नतीजों को देखकर कांग्रेसी कह रहे हैं कि रिजल्ट चौंकाने वाले होंगे। कांग्रेस प्रत्याशी प्रीता हरित को लेकर कांग्रेसजन इतिहास दोहराने का दावा कर रहे हैं।

सिर्फ उत्तर में ही हांफ रहा थी
बाकी सीटों पर कांटे की टक्कर

एत्मादपुर-जलेसर, छावनी और दक्षिण क्षेत्र में है कड़ा मुकाबला
आगरा। राजनीतिक दलों की आशा और उम्मीद के बीच सच्चाई बिल्कुल परे है। पिछले लोकसभा चुनावों में सपा-बसपा और रालोद के बीच गठबंधन नहीं था। इस बार गठबधंन की दृष्टि से आगरा सीट पर यदि सपा-बसपा-रालोद गठबंधन के वोट मिला दिए जाएं तो भाजपा की जीत का आंकड़ा पहली दृष्टि में ही तीन लाख से घटकर करीब एक लाख साठ हजार रह जाता है। यदि गत विधानसभा चुनावों के परिणाम पर दृष्टि डाली जाए तो सपा-बसपा गठबंधन के मुकाबले छावनी में भाजपा 22 हजार वोटों से हार रही है। जबकि जलेसर में गठबंधन के मुकाबले भाजपा करीब 16 हजार वोटों से हार रही है। दक्षिण में सपा-बसपा गठबंधन से भाजपा के महज 10 से 15 हजार वोट से आगे है। हालांकि पिछले विधानसभा चुनावों में कांग्रेस-सपा का गठबंधन था और दक्षिण सीट पर गठबंधन दलों को करीब चालीस हजार वोट मिले थे। आगरा लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत बाकी सीटों पर सपा के प्रत्याशी ही मैदान में थे। इधर, एत्मादपुर में गठबंधन के मुकाबले भाजपा के तीन से चार हजार वोट ही अधिक मिल रहे हैं। उत्तर सीट पर आकर भाजपा के मुकाबले सपा-बसपा-रालोद गठबंधन बुरी तरह धराशायी होता नजर आ रहा है। यहां सपा-बसपा-रालोद गठबंधन के मुकाबले भाजपा को 50 हजार से अधिक वोट मिल रहे हैं। गत विधानसभा चुनावों के इन आंकड़ों के मुताबिक हाथी केवल उत्तर में ही हांफता नजर आ रहा है, बाकी चार सीटों एत्मादपुर, जलेसर एवं छावनी तथा दक्षिण में सपा-बसपा-रालोद गठबंधन एवं भाजपा के बीच कांटे की टक्कर है।

वर्ष 2017 के विधानसभा चुनावों में मिले वोटों के आंकड़े

सीट सपा-बसपा गठबंधन- भाजपा
जलेसर 61694 +35817 81502
एत्मादपुर 43925+90126 137381
छावनी 64683+66853 113178
दक्षिण (कांग्रेस 39434)+57657 111882

उत्तर 36739+48800 135120

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *