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पुराने साथी चाहर से मुकाबिल होंगे बब्बर

फतेहपुरसीकरी संसदीय सीट का चुनाव हुआ रोचक

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर के फतेहपुरसीकरी से फिर से चुनाव मैदान में आने से इस सीट पर चुनावी मुकाबला बहुत रोचक होने जा रहा है। राज बब्बर यहां अपने एक पुराने साथी से मुकाबिल होने जा रहे हैं। भाजपा के प्रत्याशी राज कुमार चाहर 2009 के लोकसभा चुनाव में इसी सीट पर बब्बर के हमराही थे। अब ये दोनों आमने-सामने होंगे। बसपा की ओर से राजवीर सिंह का नाम प्रत्याशी के रूप में कल घोषित हो गया। इसी के साथ इस सीट पर त्रिकोणीय मुकाबले की तस्वीर साफ हो गई है।
राज बब्बर आगरा लोकसभा सीट से दो बार सांसद चुने जा चुके हैं। 2009 के चुनाव में परिसीमन के बाद आगरा सीट आरक्षित हो गई थी। उस स्थिति में भी बब्बर ने आगरा न छोड़कर फतेहपुरसीकरी से चुनाव मैदान में उतरना तय किया था। नव सृजित फतेहपुरसीकरी सीट पर लोकसभा का यह पहला चुनाव था, जिसमें बसपा की सीमा उपाध्याय सांसद चुनी गईं थीं। यहां शिकस्त खाने के बाद बब्बर छह माह बाद फिरोजाबाद सीट पर उप चुनाव लड़े थे और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की पत्नी डिम्पल यादव को हराकर लोकसभा में जा पहुंचे थे। 2014 की मोदी लहर में बब्बर गाजियाबाद से मैदान में उतरे थे और भाजपा के जनरल वीके सिंह से मुकाबले में पराजित हुए थे।
गाजियाबाद की पराजय के बाद बब्बर समर्थकों ने महसूस किया कि गाजियाबाद जाना भूल थी। इस बार के लोकसभा चुनाव के लिए छह माह पहले से ही चर्चा होने लगी थी कि बब्बर इस बार फतेहपुरसीकरी से ही लड़ेंगे। पिछले महीने उन्होंने फतेहपुरसीकरी क्षेत्र का लगातार तीन दिन तक दौरा किया तो इन चर्चाओं को और बल मिला। पिछले दिनों जब बब्बर के मुरादाबाद से चुनाव लड़ने की घोषणा हुई तो समर्थक एक बार फिर मायूस हो गए। समर्थक उन्हें किसी भी तरह फतेहपुरसीकरी वापस लाने की मुहिम में जुट गए। ये प्रयास उस समय रंग लाए जब बसपा की प्रत्याशी सीमा उपाध्याय ने चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया। इसके बाद तो बब्बर पर फतेहपुरसीकरी वापस आने के लिए दबाव बढ़ने लगा। अंतत: उन्हें समर्थकों की बात माननी पड़ी।
बब्बर अब दूसरी बार फतेहपुरसीकरी से मैदान में उतरने जा रहे हैं। उल्लेखनीय बात यह है कि बब्बर 2009 के चुनाव के हमराही राज कुमार चाहर से मुकाबिल होंगे। बता दें कि 2009 के चुनाव से पहले राज कुमार चाहर भाजपा छोड़कर बब्बर के साथ आ गए थे। चाहर लगभग तीन साल तक कांग्रेस में ही रहे। 2012 के चुनाव में फतेहपुरसीकरी से विधान सभा का टिकट न मिलने पर उन्होंने बब्बर का साथ छोड़ दिया था और निर्दलीय के तौर पर मैदान में उतरे थे। उस चुनाव में चाहर ने अपने बूते 60 हजार से ज्यादा वोट पाकर सभी को चौंका दिया था। हालांकि इसके बाद भी उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा था। 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले चाहर फिर से भाजपा में लौट आए थे। पिछली बार उनके प्रबल राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी चौधरी बाबूलाल को फतेहपुरसीकरी सीट से लोकसभा चुनाव का टिकट मिलना राज कुमार चाहर के लिए बड़ा झटका था। इसके बाद उन्हें दूसरा झटका 2017 के विधान सभा चुनाव में लगा जब उनकी सीकरी से विधान सभा चुनाव की उम्मीदवारी स्वीकार नहीं की गई थी। चाहर के लिए यह कठिन दौर था, लेकिन वे भाजपा में ही बने रहे। अब उनके भाग्य ने पलटा खाया और वे अब फतेहपुरसीकरी से लोकसभा का चुनाव लड़ने जा रहे हैं। चाहर को उन राज बब्बर से टक्कर लेनी है जिनके लिए उन्होंने 2009 के चुनाव में वोट मांगे थे। इन दोनों के आमने-सामने आने से यहां का चुनाव बहुत रोचक होने जा रहा है।
बसपा-सपा गठबंधन के प्रत्याशी राजवीर सिंह इस सीट के मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने के लिए मैदान में आ डटे हैं। सीमा उपाध्याय के चुनाव मैदान छोड़ने के बाद बसपा ने राजवीर सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया है। राजवीर सिंह इस क्षेत्र के लिए नए हैं, लेकिन बसपा के जमीनी स्तर के संगठन और सपा के समर्थन की बदौलत वे भी चुनावी वैतरणी पार करने के लिए तेजी से प्रयास शुरू कर चुके हैं।

बब्बर आज करने जा
रहे राजनीतिक धमाका

आगरा। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर आज आगरा में हैं। दोपहर 12 बजे वे प्रेस कान्फ्रेंस कर बड़ा राजनीतिक धमाका करने जा रहे हैं। चुनाव लड़ने के लिए फिर से फतेहपुरसीकरी वापस लौटने के फैसले के बाद बब्बर की आगरा में सक्रियता बहुत बढ़ गई है। बब्बर की आज की प्रेस कान्फ्रेंस बसपा और रालोद को झटका देने वाली होगी। संकेत हैं कि बसपा के तीन पूर्व विधायक और रालोद के एक वरिष्ठ नेता अपने दलों को छोड़ कांग्रेस में आने जा रहे हैं। इसके अलावा भी कई अन्य चर्चित चेहरे बब्बर के साथ आने की घोषणा कर सकते हैं।

तीनों ‘राज’ में से कौन
करेगा सीकरी पर राज

आगरा। फतेहपुरसीकरी संसदीय सीट के तीन प्रमुख प्रत्याशियों के नाम का पहला अक्षर ‘राज’ है। यानि कांग्रेस प्रत्याशी राज बब्बर, भाजपा प्रत्याशी राज कुमार चाहर और बसपा-सपा गठबंधन के प्रत्याशी राज वीर सिंह। तीनों की तुला राशि है। लोग चटकारे ले रहे हैं कि इन तीनों ‘राज’ में से फतेहपुरसीकरी पर कौन राज करेगा। तीनों की राशि एक है, इसलिए ग्रहों की परिस्थितियां भी तीनों के लिए प्राय: एक जैसी होंगी।

बाबू लाल फिलहाल चुप
समर्थक इंतजार कर रहे

आगरा। फतेहपुरसीकरी के मौजूदा सांसद चौधरी बाबूलाल टिकट कटने के बाद से चुप हैं। लोग उनकी चुप्पी टूटने का इंतजार कर रहे हैं। यह तय है कि टिकट कटने के बाद चौधरी बाबूलाल शांत नहीं बैठने वाले। इसकी एक वजह है कि पार्टी ने उनके प्रतिद्वंद्वी राज कुमार चाहर को उम्मीदवार बनाया है। पिछले चुनाव में जब बाबूलाल को टिकट मिला था तो चाहर की भी यही स्थिति थी। समर्थक इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि चौधरी बाबूलाल का अगला कदम क्या होगा?

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