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Agra

नलों से गर्मी भर निकलेगा गंदा पानी?

  • यमुना नदी में पानी कम और प्रदूषण है ज्यादा
  • जल संस्थान की व्यवस्था होली पर रही फेल
  • गंगाजल की पाइप लाइन का नहीं भरा है गैप

त्योहार पर भी साफ पानी नहीं दे सका जल संस्थान

जल संस्थान के अफसरों की मनमानी के कारण होली के त्योहार पर भी नागरिकों को जल संकट का सामना करना पड़ा। जीवनी मंडी वाले डब्ल्यूटीपी से आने वाला पानी गंदा है। ये पानी भी नागरिकों को पूरा नहीं मिल रहा है। त्योहार पर जल संस्थान के अफसरों के वायदे हवाई निकले। अब सवाल उठता है क्या गर्मी भर नलों से इसी तरह गंदा पानी निकलेगा? शहर में गंगाजल होने के बाद भी यूं ही काले-पीले यमुना जल का इस्तेमाल करना पड़ेगा?
वैसे जल संस्थान के अफसर नागरिकों से वायदे तो बड़े-बड़े करते हैं, लेकिन निभा नहीं पाते हैं। चाहे पानी का मामला हो या उसके टैक्स का। उनकी वादाखिलाफी नागरिकों की परेशानी बढ़ा देती है। आज सुबह भी जल संस्थान के जीवनी मंडी परिसर से निकलने वाली जलापूर्ति का रंग पीला सा था, जो नागरिकों की चिंता बढ़ा रहा है। पार्षद रवि माथुर ने बताया कि होली के त्योहार पर भी लोग पानी के लिए परेशान रहे। होली के दिन तो पानी की डिमांड अधिक रहती है। जल संस्थान को विशेष व्यवस्था करनी होती है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। महाप्रबंधक से पहले ही व्यवस्थाएं करने के लिए कहा था, लेकिन इसे गंभीरता से नहीं लिया। जीवनी मंडी से मिलने वाली जलापूर्ति मानकों के अनुसार नहीं हो रही है। आज सुबह नलों से पानी तो आया, लेकिन कुछ देर ही आया। पानी का रंग पीला सा है, जिसमें बदबू भी आ रही थी। उन्होंने बताया कि दो घंटे के स्थान पर केवल पौन-एक घंटे तक ही सप्लाई मिली। जिस तरह पानी मिल रहा है, इससे तो गर्मी भर परेशानी रह सकती है। अभी गंगाजल की पाइप लाइन का गैप भी भरा नहीं गया है। गंगाजल आने में भी देरी हो रही हैै। इधर यमुना नदी में पानी की कम और प्रदूषण अधिक है। जीवनी मंडी डब्ल्यूटीपी से शहर का सबसे बड़ा हिस्सा पोषित होता है।

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