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– फतेहपुरसीकरी से ही मैदान में उतरेंगे कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष- बब्बर के घर पर जा जमे थे समर्थक

अपने नेता के मुरादाबाद से लड़ने को स्वीकार नहीं कर पा रहे थे
सीमा के हटने के बाद तो दिन-रात एक किए हुए थे आगरा के लोग

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर फतेहपुरसीकरी से ही लोकसभा का चुनाव लड़ सकते हैं। हालांकि बब्बर के स्तर से अभी इस बारे में अधिकारिक ऐलान तो नहीं किया गया है, लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि आगरा के लोगों ने उन्हें अपनी इसी परम्परागत सीट से चुनाव लड़ने के लिए राजी कर लिया है। कांग्रेस के प्रत्याशियों की दूसरी सूची में राज बब्बर का नाम था जिसमें उनके मुरादाबाद से लड़ने की बात कही गई थी। बब्बर के मुरादाबाद से लड़ने के ऐलान के बाद से ही उनके समर्थक बहुत बेचैन थे। उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था कि वे फतेहपुरसीकरी से ही लड़ें। इसी क्रम में कल शाम आगरा से बड़ी संख्या में लोग दिल्ली में उनके आवास पर जा पहुंचे और अपने नेता को फतेहपुरसीकरी से ही लड़ने के संकेत देने के लिए मजबूर कर दिया।
बता दें कि राज बब्बर दो बार आगरा से लोकसभा के सदस्य चुने जा चुके हैं। आगरा लोकसभा सीट के आरक्षित होने पर बब्बर ने 2009 का लोकसभा चुनाव फतेहपुरसीकरी सीट से लड़ा था। बब्बर उस चुनाव में मामूली मतों के अंतर से हार गए थे। बसपा की सीमा उपाध्याय जीती थीं जबकि बब्बर दूसरे स्थान पर थे। श्री बब्बर ने पिछला चुनाव गाजियाबाद से लड़ा था, जहां मोदी लहर में उन्हें जनरल वीके सिंह से मुकाबले में शिकस्त मिली थी।
बब्बर आगरा में बहुत लोकप्रिय हैं। पिछली बार उनके गाजियाबाद चले जाने पर यहां के लोग बहुत मायूस हुए थे। इस बार के लोकसभा चुनाव की गतिविधियां शुरू होते ही यह संकेत मिलने लगे थे कि बब्बर सीकरी से ही मैदान में उतरेंगे। लगातार तीन दिन के दौरे के बाद उनका सीकरी से लड़ना पक्का हो गया था। यकायक खबरें आई कि वे मुरादाबाद से लड़ेंगे। इस खबर से ही उनके समर्थक बेचैन हो उठे थे। समर्थक नहीं चाहते थे कि वे मुरादाबाद जाएं। इस बीच कांग्रेस ने यूपी के प्रत्याशियों की दूसरी सूची जारी की जिसमें बब्बर को मुरादाबाद से कांग्रेस का प्रत्याशी घोषित कर दिया गया।
इधर बब्बर के सीकरी से हटते ही बसपा प्रत्याशी सीमा उपाध्याय ने चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया। हालांकि उन्होंने चुनाव न लड़ने की वजह स्वास्थ्य खराब होना बताया, लेकिन जानकार मानते हैं कि बब्बर के हटने के बाद इस क्षेत्र में भाजपा की स्थिति काफी मजबूत हो गई थी। बब्बर के मैदान में रहते सीमा उपाध्याय की स्थिति ठीक थी। सीमा कैम्प में ऐसा माना जा रहा था कि बब्बर सबसे ज्यादा भाजपा को नुकसान पहुंचाएंगे। सीमा के चुनाव मैदान से कदम पीछे खींचने के बाद फतेहपुरसीकरी क्षेत्र के चुनाव समीकरण फिर से बदल गए। इसी के साथ समर्थकों ने राज बब्बर पर एक बार फिर से दबाव बनाना शुरू कर दिया कि वे मुरादाबाद के बजाय फतेहपुरसीकरी से ही लड़ें। बब्बर इस पर कुछ नहीं कह रहे थे। उनकी दुविधा यह थी कि पार्टी ने उन्हें मुरादाबाद से प्रत्याशी घोषित कर रखा था और वे कैसे कहें कि मुरादाबाद की जगह सीकरी से लड़ेंगे। इधर समर्थक किसी भी हालत में उन्हें सीकरी वापस लाने पर आमादा थे। कल आगरा से बड़ी संख्या में समर्थक बगैर बताए दिल्ली जा पहुंचे। बब्बर दिल्ली से बाहर थे। पता चला कि वे लौटने वाले हैं। समर्थक उनके आवास पर ही जम गए और उनके लौटने का इंतजार करने लगे। बब्बर जब अपने आवास पर पहुंचे तो बड़ी संख्या में आगरा के लोगों को देखकर चौंक उठे। उन्हें माजरा समझते देर नहीं लगी। इसके बाद शुरू हुई उनकी घेरेबंदी। समर्थकों का दबाव इतना ज्यादा था कि बब्बर को कहना पड़ा कि आपके प्यार और भावनाओं की इज्जत करता हूं। मैं आपके साथ हूं। आपका संदेश पार्टी नेतृत्व तक पहुंचाउंगा। बदलाव नेतृत्व को ही करना है। बब्बर के इतना कहते ही समर्थक खुशी से झूम उठे।
बता दें कि राज बब्बर का नाम मुरादाबाद सीट से घोषित होने के बाद बब्बर समर्थकों द्वारा यह भी कोशिश की जा रही थी कि राज बब्बर की बेटी जूही बब्बर को फतेहपुरसीकरी से चुनाव लड़वाएं। इसके लिए भी बब्बर से लगातार आग्रह किया जा रहा था, लेकिन अब खुद बब्बर ने ही यहीं से लड़ने का मन लगभग बना लिया है।

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