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भीमनगरी के लिए प्रियंका गांधी को दिया गया न्यौता

भीमनगरी आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने लखनऊ में की मुलाकातभीमनगरी केंद्रीय समिति ने इस बार भीमनगरी में मुख्य अतिथि के रूप में आने के लिए कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी को आमंत्रित किया है। प्रियंका गांधी ने इस कार्यक्रम के लिए मौखिक सहमति भी दे दी है।
भीमनगरी आयोजन समिति के अध्यक्ष भरत सिंह पिप्पल और मंत्री वीर सिंह कोरवाल लखनऊ में प्रियंका गांधी से मिले और उन्हें मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित कर 15 अप्रैल को भीमनगरी समारोह का उद्घाटन करने का आग्रह किया। समिति के पदाधिकारियों की प्रियंका गांधी से मुलाकात समिति के सदस्य एवं कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष उपेंद्र सिंह ने कराई थी। बकौल उपेंद्र सिंह, प्रियंका गांधी ने कार्यक्रम के लिए मौखिक सहमति दे दी है। इस दौरान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर भी मौजूद थे।
बता दें कि इस बार भीमनगरी का आयोजन कहरई में होने जा रहा है। आयोजन समिति के अध्यक्ष भरत सिंह पिप्पल ने प्रियंका गांधी को कार्यक्रम के दौरान होने वाले सामाजिक कार्यों के बारे में भी बताया। यह भी जानकारी दी कि अब तक इस आयोजन में कौन-कौन से राष्टÑीय नेता शिरकत कर चुके हैं।

व्यापारी पार्टी ने आगरा से
राजा वाल्मीकि को उतारा

चुनाव आयोग में राजनीतिक दल के रूप में पंजीकृत हो चुकी राष्टÑीय व्यापारी पार्टी ने आगरा लोकसभा सीट पर अपना उम्मीदवार उतारने का फैसला किया है। लोहामंडी स्थित अग्रसेन भवन पर हुई पार्टी की राष्टÑीय कार्यकारिणी की बैठक में आगरा सीट के लिए राजा वाल्मीकि को पार्टी का उम्मीदवार घोषित किया गया। इस दौरान बताया गया कि पार्टी को चुनाव आयोग की तरफ से ‘मटर’ चुनाव चिह्न आवंटित किया गया है।
पार्टी के राष्टÑीय अध्यक्ष रवि प्रकाश अग्रवाल ने बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि उनकी पार्टी चुनाव में व्यापारियों, गरीबों व मध्यमवर्गीय समाज के उत्पीड़न को मुद्दा बनाएगी। नोटबंदी, जीएसटी और एससी-एसटी एक्ट जैसे कानून से सरकार ने समाज को आपस में लड़ाने का काम किया है। उन्होंने व्यापारियों के नौ लाख तक के ऋण माफी व व्यापारी पेंशन के मुद्दे भी उठाए। पार्टी आगरा के अलावा प्रदेश की कई अन्य सीटों पर भी प्रत्याशी उतारेगी।
इस दौरान प्रधान महासचिव संजीव वार्ष्णेय, कोषाध्यक्ष मुरारी प्रसाद अग्रवाल, डॉ. मनोज पोरवाल, दिनेश बंसल कातिब, गीता सरपाल, डॉ. राकेश गुप्ता, विनय पुरवार, अमित पोरवाल व अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।

बस दुर्घटना पर नहीं जागा रोडवेज
लगभग सवा माह पहले टूंडला-एटा रोड पर अवागढ़ के नजदीक यूपी रोडवेज की बस पलटने से घायल हुईं शोभारानी आहूजा ने इस बात पर वेदना व्यक्त की है कि यूपी सरकार और रोडवेज की ओर से उन्हें किसी प्रकार की चिकित्सकीय मदद नहीं दिलवाई गई है।
न्यू आगरा निवासी वरिष्ठ अधिवक्ता हरिश्चंद्र आहूजा की पत्नी शोभारानी आहूजा का कहना है कि विगत 13 फरवरी को तड़के तीन बजे यह बस पलटी थी। खिड़कियां काटकर सवारियों को बाहर निकाला गया था। उन समेत तमाम यात्रियों को गंभीर चोटें आई थीं। अखबारों में इस हादसे की खबरें प्रकाशित होने के बाद भी रोडवेज के अधिकारियों ने पीड़ित यात्रियों की कोई सुध नहीं ली है।
श्रीमती आहूजा ने इस बारे में मुख्यमंत्री, यूपी महिला आयोग और जिलाधिकारी आयोग को भी इस बारे में पत्र लिखकर मांग की है कि हादसे में घायल यात्रियों को चिकित्सकीय सुविधा प्रदान की जाए।

बहुत सार्थक है विधान परिषद

आगरा। संवैधानिक एवं संसदीय अध्यययन संस्थान की उत्तर प्रदेश शाखा द्वारा लखनऊ के तिलक हॉल में आयोजित की गई विचार गोष्ठी में विधान परिषद के पूर्व सदस्य अनुराग शुक्ला ने कहा कि हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनहित के लिहाज से विधान परिषद की पूरी तरह सार्थकता है और यह सार्थकता हमेशा बनी रहेगी।
जनहित में विधान परिषद की सार्थकता विषयक इस संगोष्ठी में श्री शुक्ला को वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया था। श्री शुक्ला ने कहा कि आम नागरिकों की सुरक्षा विभिन्न कानूनों के माध्यम से होती है और ये कानून लोकसभा, राज्यसभा, विधान सभाओं और विधान परिषदों द्वारा बनाए जाते हैं। यूपी, बिहार, महाराष्टÑ, कर्नाटक और पंजाब में विधान परिषद में अस्तित्व में हैं। विधान परिषद के सदस्य स्रातक, शिक्षक, स्थानीय निकाय व विधान सभा से निर्वाचित होते हैं। राज्यपाल भी विशिष्ठ लोगों को सदस्य नामित करते हैं। इस प्रकार हर क्षेत्र का प्रतिनिधित्व विधान परिषद में होता है। विधान परिषद सदस्य जनहित के मुद्दों को उठाकर सार्थक बहस करते हैं। सदस्य अपने-अपने क्षेत्रों, यथा निकाय, शिक्षकों की समस्याएं उठाकर उनका निराकरण कराने का प्रयास करते हैं। इस लिहाज से देखा जाए तो लोकतांत्रिक व्यवस्था में विधान परिषद की सार्थकता है। विधान सभा द्वारा पारित विधयकों पर भी विधान परिषद चर्चा कर गुण-दोष के आधार पर उन्हें स्वीकृत या अस्वीकृत करती है। विधान परिषद कभी भंग नहीं होती। राष्टÑपति शासन काल में भी विधान परिषद के सदस्य जनसमस्याओं के निराकरण में अहम भूमिका निभाते रहते हैं।
श्री शुक्ला ने कहा कि उन्हें स्वयं 1990 से 1996 तक आगरा-फिरोजाबाद स्थानीय प्राधिकारी क्षेत्र के प्रतिनिधित्व का मौका मिला। इस दौरान उन्हें उच्च सदन से लेकर स्थानीय निकायों और पंचायतों के माध्यम से जनहित के मुद्दों पर विधान परिषद में ध्यानाकर्षण का मौका मिला।

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